उदंती नदी के बहाव के सहारे सागौन के लट्ठे ओडिशा पहुंचाने की थी तैयारी।
वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई।
राधेश्याम सोनवानी,गरियाबंद :- उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम ने अंतरराज्यीय सागौन तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। वन विभाग ने मानसून पेट्रोलिंग, तकनीकी निगरानी और मैदानी सूचना तंत्र के समन्वय से कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ और ओडिशा से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के मुताबिक, तस्करों ने उदंती नदी के किनारे सागौन के पेड़ की अवैध कटाई की थी। कटे हुए सागौन के लट्ठे को रस्सी के सहारे अर्जुन के पेड़ की जड़ों से बांधकर रखा गया था। आरोपियों की योजना सागौन के लट्ठों की बेड़ी बनाकर उन्हें उदंती नदी के बहाव के सहारे ओडिशा पहुंचाने की थी।वन विभाग द्वारा क्षेत्र में स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम सक्रिय कर निगरानी बढ़ाई गई। इस दौरान सिस्टम में दो संदिग्धों की गतिविधियां कैद हो गईं। तकनीकी निगरानी और मैदानी पतासाजी के आधार पर उनकी पहचान कर कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान अंतरराज्यीय लकड़ी तस्करी नेटवर्क से जुड़े एक अन्य आरोपी की भूमिका भी सामने आई, जिसे ओडिशा से गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में वन विभाग के साथ गरियाबंद पुलिस ने भी सहयोग किया।वन विभाग का कहना है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार स्मार्ट सर्विलांस, नियमित गश्त और मैदानी सूचना तंत्र का उपयोग किया जा रहा है। मामले में अंतरराज्यीय लकड़ी तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है।





