कवर्धा : छत्तीसगढ़ के कवर्धा में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने रायपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित शहर के प्रमुख मार्गों पर चक्काजाम कर दिया है। इससे आवागमन प्रभावित हुआ है। स्थिति को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
गुरुवार को भी किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। शहर के प्रमुख रास्तों पर वाहनों की कतारें लग गईं। प्रदर्शन के दौरान एंबुलेंस को रास्ता दिए जाने की बात कही गई है। किसानों के आंदोलन के चलते आम नागरिकों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन से बातचीत बेनतीजा, मौके पर पुलिस बल तैनात
आंदोलन की स्थिति पर प्रशासन नजर बनाए हुए है। गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम प्रदर्शन स्थल पर पहुंची और किसानों से बातचीत कर उनकी मांगों पर चर्चा की। हालांकि, बातचीत का कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका और किसान प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े रहे।
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
गन्ना बोनस में 150 रुपये बढ़ाने समेत 23 मांगें
किसानों की प्रमुख मांगों में जिले के दोनों शक्कर कारखानों में गन्ने का उत्पादन बढ़ाना, गन्ना बोनस में 150 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि, सुतियापाट जलाशय का विस्तार, बिजली बिल में कमी और पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के धान बोनस की राशि जारी करना शामिल है।
इनके अलावा किसानों ने अन्य मुद्दों को भी उठाया है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, उनकी कुल 23 मांगें हैं और वे इनके समाधान की मांग कर रहे हैं।
पांच प्रवेश मार्गों पर यातायात प्रभावित
आंदोलन के कारण कवर्धा के पांचों प्रवेश मार्गों पर जाम की स्थिति बनने की जानकारी है। रायपुर-जबलपुर मार्ग के साथ कवर्धा-राजनांदगांव और कवर्धा-बिलासपुर मार्ग पर भी आवागमन प्रभावित हुआ है। इससे शहर में आने-जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
एक सप्ताह का राशन लेकर पहुंचे किसान
प्रदर्शनकारी किसान अपने साथ करीब एक सप्ताह का राशन लेकर पहुंचे हैं। कुछ किसानों को सड़क किनारे भोजन बनाते हुए भी देखा गया। इससे संकेत मिलता है कि वे मांगों पर समाधान होने तक आंदोलन जारी रखने की तैयारी के साथ आए हैं।
किसानों के प्रदर्शन का असर आम लोगों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों पर पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन के सामने किसानों से बातचीत कर समाधान निकालने और यातायात सामान्य कराने की चुनौती है। फिलहाल आंदोलन को लेकर आगे की स्थिति प्रशासन और किसानों के बीच होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगी।




