संवाददाता अमनपथ राजूनाथ जोगी नगरी : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान लोकभवन रायपुर में आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधी पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जनजातीय स्वास्थ्य परंपराओं के संरक्षण, औषधीय पौधों के संवर्धन और आदिवासी किसानों की आर्थिक आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने जनजातीय समाज के समग्र विकास, पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान के संरक्षण, औषधीय पौधों के संवर्धन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी साझा की।
मुलाकात के दौरान जनजातीय अंचलों में पीढ़ियों से संरक्षित पारंपरिक स्वास्थ्य परंपराओं और औषधीय वनस्पतियों के महत्व को रेखांकित किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पारंपरिक वैद्यों के अनुभवजन्य ज्ञान का संरक्षण, उनके पंजीयन एवं प्रमाणन की प्रक्रिया तथा औषधीय पौधों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के प्रयास इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
लखपति योजना से बदली आदिवासी किसानों की आर्थिक तस्वीर
प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे आदिवासी किसानों ने लखपति योजना से अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों, आय में वृद्धि और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में प्राप्त अनुभवों को राष्ट्रपति के साथ साझा किया। किसानों के अनुभवों के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन और आर्थिक सशक्तीकरण के प्रयासों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।
राष्ट्रपति भवन में ‘इंडियन हर्बल हेरिटेज गार्डन’ स्थापित करने का प्रस्ताव
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड के माध्यम से राष्ट्रपति भवन परिसर में ‘इंडियन हर्बल हेरिटेज गार्डन’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। इस पहल का उद्देश्य भारत की समृद्ध औषधीय वनस्पति विरासत को संरक्षित करने, पारंपरिक ज्ञान को पहचान दिलाने तथा औषधीय पौधों के महत्व को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने की दिशा में प्रयास करना है।
प्रस्ताव पर राष्ट्रपति ने सहजता से सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की और आगामी समय में इसे साकार करने की दिशा में आश्वासन दिया। यह पहल देश की पारंपरिक स्वास्थ्य विरासत, जैव विविधता और जनजातीय समाज के पीढ़ियों से संचित ज्ञान को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकती है।
श्री विकास मरकाम के नेतृत्व में हुई इस मुलाकात में जनजातीय परंपराओं के संरक्षण, किसानों की आर्थिक आत्मनिर्भरता और औषधीय पौधों के संवर्धन से जुड़े विषयों को प्रमुखता से रखा गया। प्रस्तावित हर्बल हेरिटेज गार्डन के माध्यम से भारत की प्राचीन औषधीय विरासत और प्रकृति-आधारित पारंपरिक ज्ञान को नई पहचान दिलाने की परिकल्पना प्रस्तुत की गई। प्रतिनिधिमंडल में धमतरी जिला पंचायत सदस्य एवं प्रगतिशील कृषक अजय कुमार ध्रुव, वैद्यराज दशरथ नेताम, वैद्यराज जानकी प्रसाद पुलस्त्य, वैद्यराज रामलाल कुंजाम, कृषक लकेश नेताम, सामाजिक कार्यकर्ता आशू पोडेटी शामिल रहे।




