
होलिका दहन के बाद सबसे बड़ा प्रश्न लोगों के मन में उठता है की होली की राख का उन्हें क्या करना चाहिए. लगभग पूरे देश में होली बड़े धूमधाम से मनाई जाती है. गालियों चौराहा हो और घरों में भी होली की अग्नि जलाई जाती है. होलिका दहन होने के पश्चात लोग अक्सर उसे रख को घरों से बाहर सफाई में फेंक देते हैं. होली की पवित्र रख को घर से बाहर फेंकने से पितृ और देवता नाराज होते हैं. इससे घर में वास्तु दोष, पितृ दोष और ग्रह नक्षत्र के दुष्परिणाम प्राप्त होते हैं. आज हम आपको बता रहे हैं कि होली की राख का हमें कैसे उपयोग करके अपने जीवन में खुशहाली लानी चाहिए.
घर के मुख्य द्वार पर बांधे : होलिका दहन के बाद बची हुई रात को ठंडा होने के पश्चात लाल कपड़े में एक मुट्ठी राख बांधकर एक तांबे के सिक्के के साथ घर के मुख्य द्वार पर बांध दें. ऐसा करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी और आर्थिक समृद्धि प्राप्त होगी साथ ही घर के वास्तु दोष से मुक्ति मिलेगी. ध्यान रखें उसे तांबे के सिक्के में सा छेद होने चाहिए.
बुरी नजर से रक्षा कवच : होली की अग्नि ठंडी होने के बाद उसकी राख को किसी ताबीज में भरकर गले अथवा बाजू में धारण कर लेना चाहिए. उस भस्म में थोड़ी राई, थोड़ा नमक मिलाकर उसे चांदी के ताबीज में भरकर गले में धारण करना चाहिए. इससे किसी की भी बुरी नजर से आपका बचाव होगा.
शनि से प्रभावित राशियों को लाभ : मेष, कुम्भ, मीन को साढ़ेसाती एवं सिंह औऱ धनु राशि वालों को ढैय्या के प्रभाव से लाभ मिलेगा. होली के तुरंत बाद मेष राशि पर साडेसाती शुरू होने वाली है. ऐसे में मेष और मीन राशि के जातकों को होली की राख को जल में मिलाकर शनि देव को अर्पित करने से साडेसाती में लाभ रहेगा.
ग्रह कलह से छुटकारा : अगर घर में बहुत ज्यादा लड़ाई-झगड़े होते रहते हैं या घर की निगेटिव एनर्जी को दूर करना चाहते हैं तो होलिका की राख की पोटली बना लें. इसके बाद इसे शुभ मुहूर्त में घर के अलग-अलग हिस्से में रख दें. ऐसा करने से घर में व्याप्त नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाएगी.



