अनिवार्य व निशुल्क शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के अंतर्गत गरीब परिवारों के बच्चों को प्रवेश देने के लिए आरटीई पोर्टल के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया सोमवार को शुरू हो गई। प्रदेशभर में 6628 निजी स्कूलों में 52007 सीटें आरटीई के तहत गरीब बच्चों के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों के लिए लॉटरी प्रक्रिया मंगलवार तक पूरी करनी है। उल्लेखनीय है कि 33 जिलों में कुल आवेदन 105372 प्राप्त हुए हैं, जिसमें से परीक्षण के बाद 69553 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं।
लॉटरी प्रक्रिया 6 मई को पूरी की जाएगी..
आरटीई के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों से लोक शिक्षण संचालनालय में पहले दिन 5 मई को प्रदेशभर के 23 जिलों के लिए 5515 स्कूलों की 44054 सीटों के लिए लॉटरी निकाली गई। शेष 10 जिलों के सीटों के लिए लॉटरी प्रक्रिया 6 मई को पूरी की जाएगी। प्रथम चरण की लॉटरी के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के संचालक ऋतुराज रघुवंशी, उप संचालक आशुतोष चौरे, सहायक संचालक महेश नायक और आरटीई सेल समेत प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के राजीव गुप्ता, पालक और पालक संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
रायपुर में 4510 सीटों के लिए लॉटरी निकाली
पहले दिन रायपुर समेत 23 जिलों की कुल 44054 सीटों के लिए लॉटरी निकाली गई, जिसमें से 35059 बच्चों का चयन किया गया। रायपुर में 834 स्कूलों में आरटीई के अंतर्गत 4935 सीटें आरक्षित हैं, जिसमें पहले चरण में 4510 सीटों में बच्चों का चयन किया गया। 425 सीटें रिक्त हैं। बिलासपुर में 529 स्कूलों में 4899 सीटें आरक्षित हैं, जहां 3760 बच्चों का चयन किया गया। 1139 सीटें रिक्त हैं। दुर्ग में 535 स्कूलों में 4282 सीटें हैं, जिसमें से पहले चरण में 3097 सीटें पर चयन किया गया। 1185 सीटें रिक्त हैं।



