रिपोर्टर मुन्ना पांडेय सरगुजा : स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने 7 जून दिन शनिवार को खुश गवार माहौल में ईद -उल -अजहा- का पर्व पूरे अकीदत के साथ मनाया। इस्लाम के मुताबिक ईद उल अजहा- हज़रत इब्राहीम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है।इस दिन इस्लाम धर्म के लोग बकरे की कुर्बानी देते हैं। इस्लाम में सिर्फ हलाल के तरीके से कमाये हुये पैसो से की गई कुर्बानी जायज मानी जाती है।सही मायनों में अपने अंदर के बुराइयों बदनियती लालच बेईमानी सहित अन्य दुर्गुणों की कुर्बानी देना ही ईद -उल अजहा- का सही अर्थ है। इस त्योहार से जुड़ी और भी धार्मिक पहलूए है । फिलहालनगर पंचायत लखनपुर के अलावा , ग्राम बेलखेरिखा राजाकटेल सहित आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में भी ईद- उल -अजहा बकरीद का त्यौहार उल्लास के साथ मनाया गया।
लखनपुर ईदगाह में इमाम खालीदुल कादरी अल गोसी ने ईद- उल- अजहा की नमाज अदा कराई दौराने नमाज अदा हजारों के तादाद में मुस्लिम समुदाय के बड़े बुजुर्ग बच्चे ईदगाह में हाजिर रहे। सलातो सलाम के बाद कौम के लोगों ने अपने सजदा -ऐ- ईबादत में अल्लाह से देश की खुशहाली अमन चैन की दुआएं मांगी।एक दूसरे को गले लगा कर ईद- उल- अजहा- (बकरीद) पर्व की मुबारकबाद दिये । ग्राम बंधा स्थित बाबा जामा शाह रह0 अलै0 की मजार शरीफ में जियारत करने वालों का ताता लगा रहा। मुस्लिम कौम के लोग इंतकाल फ़रमा गये अपने पूर्वजों के कब्रिस्तान में जाकर उनको याद करते हुये दरूद फतिया दुआ पढ़ा सदियों पुरानी चली आ रही परमपरा को कायम रखते हुए बकरे की कुर्बानी दिये ।मुफलिस गरीब परिवारों के घरों में शीरनी (मिठाईयां) तक्सीम कर सवाब हासिल किया। ईदगाह में नमाज अदायगी के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने पुलिस जवान भी तैनात रहे ।



