
सावन के बाद भादो महीने की शुरुआत होने वाली है और भादो महीना भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित रहता है क्योंकि इसी महीने में भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप लड्डू गोपाल का जन्म उत्सव मनाया जाता है. हर साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन बड़े ही धूमधाम से देश भर में लड्डू गोपाल की पूजा-अर्चना की जाती है.हर साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि जिस दिन संध्या में पड़ती है, उसी दिन लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव मनाया जाता है. इस साल 16 अगस्त दिन शनिवार को जन्माष्टमी का व्रत रखकर त्योहार प्रदेश भर में मनाया जाएगा. इस दिन व्रत रखकर लड्डू गोपाल की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
कब शुरू हो रही है अष्टमी तिथि
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि ऋषिकेश पंचांग के अनुसार भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 15 अगस्त रात 2 बजकर 13 मिनट से हो रही है और इसका समापन अगले दिन 16 अगस्त शनिवार रात 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. क्योंकि संध्या बेला 16 अगस्त को पड़ रही है, इस वजह से 16 अगस्त को ही जन्माष्टमी का व्रत रखा जाएगा. उस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में भी रहेंगे.
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि ऋषिकेश पंचांग के अनुसार भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 15 अगस्त रात 2 बजकर 13 मिनट से हो रही है और इसका समापन अगले दिन 16 अगस्त शनिवार रात 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. क्योंकि संध्या बेला 16 अगस्त को पड़ रही है, इस वजह से 16 अगस्त को ही जन्माष्टमी का व्रत रखा जाएगा. उस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में भी रहेंगे.
कैसे करें जन्माष्टमी के दिन पूजा
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि सबसे पहले सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें. फिर लड्डू गोपाल को भी स्नान कराएं और उनका श्रृंगार करें, माला और मुकुट पहनाएं. फिर लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर लड्डू गोपाल को स्थापित करें. दिन में लड्डू गोपाल को मक्खन, मिश्री और धनिया का भोग लगाएं. वहीं, मध्य रात्रि में षोडशोपचार विधि से लड्डू गोपाल की पूजा करें. लड्डू गोपाल को झूला जरूर झुलाएं. ऐसा करने से लड्डू गोपाल प्रसन्न होते हैं और आपके जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है.
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि सबसे पहले सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें. फिर लड्डू गोपाल को भी स्नान कराएं और उनका श्रृंगार करें, माला और मुकुट पहनाएं. फिर लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर लड्डू गोपाल को स्थापित करें. दिन में लड्डू गोपाल को मक्खन, मिश्री और धनिया का भोग लगाएं. वहीं, मध्य रात्रि में षोडशोपचार विधि से लड्डू गोपाल की पूजा करें. लड्डू गोपाल को झूला जरूर झुलाएं. ऐसा करने से लड्डू गोपाल प्रसन्न होते हैं और आपके जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है.



