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पीएम मोदी के एक ऐलान से सस्ते होंगे एयर कंडीशनर, 2500 रुपए तक घटेगी कीमत…

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एयर कंडीशनर (एसी) पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को मौजूदा 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने के सरकार के प्रस्ताव से अपलायंस मेकर्स को आगामी त्योहारों के दौरान अच्छी बिक्री की उम्मीद है. इससे विभिन्न मॉडल के आधार पर एयर कंडीशनर (एसी) की कीमतें 1,500 रुपए से 2,500 रुपए तक कम हो जाएंगी. सरकार द्वारा हाल ही में इनकम टैक्स में कटौती और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर में संशोधन के बाद कीमतों में यह कटौती होने जा रही है. अब इस कदम से न केवल एसी तक लोगों की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि प्रीमियम एसी की मांग भी बढ़ेगी जहां लोग लागत लाभ के कारण ऊर्जा-कुशल मॉडल खरीदेंगे. इसके अलावा, इससे 32 इंच से अधिक के टीवी स्क्रीन पर जीएसटी स्लैब को मौजूदा 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने में भी मदद मिलेगी.

2500 रुपए तक सस्ता होगा एसी:- पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशंस इंडिया के चेयरमैन मनीष शर्मा ने कहा कि उद्योग को ऊर्जा कुशल उत्पादों पर करीब 12 प्रतिशत जीएसटी की उम्मीद है और बाकी उत्पादों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. उन्होंने कहा कि हालांकि, ऐसी स्थिति में जब एसी और दूसरे अपलायंस पर जीएसटी 28 से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाता है, तो बाजार में कीमतों में सीधे तौर पर छह से सात प्रतिशत की कमी आएगी क्योंकि आमतौर पर जीएसटी बेस वैल्यू पर लगाया जाता है. इसलिए यह अभूतपूर्व है. शर्मा ने कहा कि इससे मॉडल के आधार पर एंड यूजर के लिए एसी की कीमत में 1,500 से 2,500 रुपए तक की कमी आएगी.

बढ़ेगी AC की मांग:- गोदरेज अप्लायंसेज ने भी प्रस्तावित कटौती से उपभोग को बढ़ावा देने और अपलायंसेस की मांग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण मदद मिलने की उम्मीद जाहिर की. गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के बिजनेस हेड कमल नंदी ने कहा कि भारत में एसी की पहुंच अब भी 9 से 10 फीसदी के निचले स्तर पर है. इसलिए, एसी पर जीएसटी को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने से इसे आम लोगों के लिए इसे अधिक किफायती बनाने और कई भारतीयों के लाइफ स्टाइल में सुधार करने में मदद मिल सकती है.

बेहतर मानसून से गिरी थी सेल्स:- बेमौसम बारिश और मानसून के समय से पहले आने से अप्रैल-जून तिमाही में रूम-एयर कंडीशनिंग (आरएसी) कारोबार से जुड़ी लिस्टेड कंपनियों के रेवेन्यू को 34 फीसदी तक प्रभावित किया है. वोल्टास, ब्लू स्टार और हैवेल्स जैसी लिस्टेड कंपनियों ने अप्रैल-जून तिमाही में आरएसी बिजनेस में अपने खंड रेवेन्यू में 13 फीसदी से 34 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की है, जिससे उनके रेवेन्यू एवं मुनाफे पर शॉर्ट टर्म प्रेशर बना हुआ है.

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