हिंदू धर्ण में हर पर्व, व्रत, त्योहार का विशेष महत्व बताया गया है. करवा चौथ का व्रत महिलाओं के लिए एक साथ व्रत होता है. इस दिन महिलाएं सोलाह श्रृंगार कर अपने पति के लिए व्रत करती है. कार्तिक माह में पड़ने वाला यह व्रत दिवाली से 10-11 दिन पहले पड़ते हैं.करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. हिंदू धर्म में विवाहित स्त्रियों द्वारा रखा जाने वाले महत्वपूर्ण व्रत में से एक है. करवा चौथ का व्रत शादीशुदा महिलाएं अपनी पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए करती है. इस व्रत का पारण रात में चांद निकलने के बाद अर्घ्य देकर किया जाता है. इस व्रत को महिलाएं अखंड सौभाग्य के आशीर्वाद के लिए करती हैं. करवा चौथ का व्रत हर विवाहित महिला के लिए विशेष महत्व रखता है. इस व्रत को सुबह सूर्य निकले से पहले से रात चंद्र के निकलने के बाद तक किया जाता है.
साल 2025 में करवा चौथ कब:- करवा चौथ की चतुर्थी तिथि का प्रारम्भ 09 अक्टूबर 2025 को रात 10 बजकर 54 मिनट पर होगा. इस दिन का अंक 10, अक्टूबर 2025 को शाम 7 बजकर 38 मिनट पर होगा. करवाचौथ का व्रत 10 अक्टूबर, 2025 शुक्रवार के दिन रखा जाएगा. करवा चौथ का व्रत लंबे समय तक चलता है. सुबह ब्रह्म मुहूर्त में इस व्रत की शुरूआत सरगी खाकर की जाती है. साल 2025 में करवा चौथ व्रत समय सुबह 6 बजकर 19 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 13 मिनट तक रहेगा. जिसकी कुल अवधि 13 घण्टे 54 मिनट रहेगी.
करवा चौथ का व्रत बहुत कठोर होता है. इस व्रत को करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है. करवा का अर्थ है मिट्टी का पात्र जिससे चन्द्रमा को जल अर्पित किया जाता है जिसे अर्घ्य कहते हैं.



