
गणेश उत्सव 27 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। गणेश उत्सव मंडल की गणेश मूर्तियां पंडालो में विराजमान होने के लिए मूर्तिकारों के मुख्य बाजार चितारओली से पंडालो की तरफ निकलने लगी है। नागपुर में गणेश उत्सव का उत्सव देखते ही बन रहा है। मूर्तिकारों की नगरी चितारओली मैं लगभग 2 लाख मूर्तियां बंन कर तैयार हैं। बड़ी मूर्तियां पंडालो की तरफ से प्रस्थान करना शुरू कर दी है।
29 सालों से रेशम बाग में की जा रही स्थापना:- पिछले 29 सालों से नागपुर के राजा की स्थापना रेशम बाग में की जा रही है। मूर्तिकारों की नगरी चितारओली से नागपुर के राजा को पूरे राजसी ठाट बाट से पंडाल तक आज ले जाया गया। नागपुर के राजा नागपुर का भ्रमण करते हुए पंडाल तक पहुंचाते हैं।
भव्य होगी आरती:- 27 तारीख को विधिवत स्थापना की जाएगी। नागपुर के राजा का श्रृंगार किया जाएगा। इस दौरान भव्य आरती होगी। 10 दिनों तक पूरे भारतवर्ष से लाखों लोग नागपुर के राजा के दर्शन के लिए रेशम बाग पहुंचेंगे। नागपुर के राजा की एक ओर अलग शान है। नागपुर के राजा की मूर्ति की ऊंचाई हर साल 1 इंच बढ़ाई जाती है। इस साल नागपुर की राजा की मूर्ति करीब 12 फीट की है।
पूरे शान शौकत से निकलती है सवारी:- नागपुर के राजा की सवारी बड़े शान शौकत से निकलती है। राजा के जुलूस में विभिन्न प्रकार के ढोल नगाड़े बजाते हुए मंडल तक हजारो गणेश भक्त शहर का भ्रमण करते हुए उन्हें ले जाते हैं। 10 दिनों तक भारत के हर कोने से लोग नागपुर के राजा भगवान गणेश के दर्शन करने के लिए आते हैं। विशेष कर विदर्भ, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश से लोग उनके दर्शन के लिए नागपुर पहुंचते हैं।
गाजेबाजे के साथ पंडाल की तरफ प्रस्थान की मूर्ति:- नागपुर के प्रसिद्ध संती गणेश उत्सव मंडल की भी गणेश जी की प्रतिमा गाजेबाजे के साथ पंडाल की तरफ प्रस्थान की। प्रतिवर्षीय मंडल अलग-अलग मंदिर की प्रतिकृती बनता है, जिसमें भगवान गणेश की स्थापना की जाएगी।



