अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप भारत पर टैरिफ और एच-1बी वीजा (H-1B Visa) की धौंस दिखा रहे हैं। दूसरी और हिंदुस्तान ने मुस्लिम देश यूएई के साथ बड़ी साझेदारी कर ली है। यूएई-भारत व्यापार परिषद ने भारत और यूएई के बीच उद्योग संबंधों को गहरा करने तथा व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए रणनीतिक समझौते किए हैं।
तीन समझौतों के तहत, UIBC और यूएई-भारत सीईपीए परिषद (UICC) ने संस्थागत सहयोग को और घनिष्ठ बनाने, यूएई-भारत सीईपीए के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में अधिक सुसंगतता सुनिश्चित करने और यूएई-भारत आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
इन क्षेत्रों पर रहेगा फोकसUIBC और सेवा निर्यात संवर्धन परिषद (SEPC) ने लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य सेवा, आईटी/आईटीईएस, शिक्षा, पर्यटन और इंजीनियरिंग सहित प्राथमिकता वाले सेवा क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के लिए एक समझौता किया, साथ ही बी2बी और बी2जी संबंधों को बढ़ावा देने और बाज़ार पहुँच की चुनौतियों का समाधान करने के लिए भी समझौता किया।
यूआईबीसी ने क्षेत्रीय वाणिज्य मंडलों (बॉम्बे इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, कालीकट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि जमीनी स्तर पर सीईपीए सुविधा को संस्थागत बनाने, उद्योग की भागीदारी बढ़ाने और राज्य-स्तरीय व्यापार एवं निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए क्षेत्रीय शक्तियों का उपयोग किया जा सके।
मजबूत होगी आर्थिक साझेदारीभारत में संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत अब्दुल नासिर अलशाली ने द्विपक्षीय साझेदारी की रणनीतिक गहराई पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “यूएई-भारत व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को अपनी नींव बनाकर, हम नए अवसरों को खोल रहे हैं जो वैश्विक व्यापार प्रवाह को पुनर्परिभाषित करेंगे और दोनों देशों के आर्थिक भविष्य को मज़बूत करेंगे।”
यूआईबीसी के कार्यकारी सदस्य डीपी वर्ल्ड और यूआईसीसी ने यूएई-भारत स्टार्टअप श्रृंखला को समर्थन देने के लिए एक और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह पहल भारतीय उद्यमों को यूएई के माध्यम से एक वैश्विक लॉन्चपैड प्रदान करेगी, जिससे द्विपक्षीय प्रतिबद्धताओं को ठोस अवसरों में बदला जा सकेगा।



