नई दिल्ली : दो दिन पहले यूट्यूब पर रिलीज हुए ‘धुरंधर’ के ट्रेलर ने रिलीज के साथ ही इंटरनेट पर आग लगा दी थी। इस ट्रेलर को अब तक 46 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। उरी द सर्जिकल स्ट्राइक जैसी सुपरहिट फिल्म के निर्देशक आदित्य धर ने ‘धुरंधर’ का ट्रेलर आउट करने के साथ ही इस बात का पूरा ध्यान रखा कि किसी भी तरह से इसके कैरेक्टर और कहानी पर सस्पेंस बरकरार रहे।
ट्रेलर से ये तो साफ हो गया कि इसकी कहानी भारत-पाकिस्तान की खुफिया जंग, आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन्स और गुप्त अभियानों की दुनिया से होकर गुजरती है। आदित्य धर ने ये भी बता दिया कि फिल्म की कहानी असल घटना से प्रेरित है, जिसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने पूरी खोजबीन करके ये पता लगाया है कि कौन से एक्टर का किरदार किस रियल लाइफ कैरेक्टर से प्रेरित है।
मेजर मोहित शर्मा ने ‘इफ्तिखार भट्ट’ के नाम से हिजबुल मुजाहिद्दीन टेरिरिस्ट ग्रुप में घुसपैठ की थी और वह जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादी विरोधी अभियान के दौरान शहीद हो गए थे। वह अपने अंडरकवर अभियानों के लिए जाने जाते हैं।
अंदर से झकझोर करने वाला ये सीन उस समय की याद दिलाता है, जब 1999 में कारगिल वॉर के दौरान पाकिस्तानी सेना द्वारा मेजर सौरभ कालिया और अन्य इंडियन आर्मी ऑफिसर्स को बंदी बनाकर उन्हें यातनाएं दी गई थी। अर्जुन रामपाल का किरदार फिल्म में इलियास कश्मीरी से इंस्पायर बताया जा रहा है, जिसे कभी नया ओसामा बिन लादेन कहा जाता था।
आर माधवन
धुरंधर में आर माधवन अजय सान्याल का किरदार निभा रहे हैं, जो भारत की इंटेलिजेंस एजेंसी के टॉप ऑफिसर हैं, जिन्हें रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&AW) के नाम से जाना जाता है। आर माधवन का किरदार फिल्म में अजीत डोभाल से प्रेरित है, जो नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर और पूर्व इंटेलिजेंस ब्यूरो डायरेक्टर रह चुके हैं। अजीत डोभाल को कई उग्रवादी और आतंकवाद को रोकने के लिए किए गए प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है।
संजय दत्तसंजय दत्त फिल्म में एसपी चौधरी असलम का किरदार निभा रहे हैं, जो पाकिस्तान के पुलिस ऑफिसर थे। 2005 से लेकर 2014 तक उन्होंने कई आतंकवादियों, गैंगवार-अपराधियों, लक्षित हत्यारों और जबरन वसूली करने वाले को मार गिराया था।
जो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी , टीएमपी, लश्कर-ए-झांगवी , लश्कर-ए-तैयबा और सिपह-ए-सहाबा पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी थे। 9 जनवरी 2014 में चौधरी असलम टीटीपी द्वारा किए गए एक बम विस्फोट में मारे गए थे।



