
रिपोर्टर मुन्ना पांडेय सरगुजा : रकबा घटने से क्षेत्र के किसान काफी दुखी है अपने पसीने की कमाई शत-प्रतिशत बेच पाने से वचित रह जायेंगे यह चिंता किसानों को सताने लगी है। और तहसील कार्यालय समितियों के ख़ाक छान रहे हैं लेकिन हम किसानों के साथ है यदि 30 नवंबर तक नहीं हुई किसानों की रकबा सुधार तो निश्चित रूप से उग्र आंदोलन होगी उक्त बातें धरना प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य रणविजय सिंह देव ने आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में कहा। साथ उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी प्रक्रियाओं में अव्यवस्था, तकनीकी खराबी और रजिस्ट्रेशन संबंधी गड़बड़ी ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। इन सभी समस्याओं को लेकर लगातार क्षेत्र के किसान हल्का पटवारी तहसील कार्यालय का चक्कर काटने मजबूर हो गए थे। ऐसी परिस्थिति निर्मित नहीं होनी चाहिए थी।
क्षेत्र के किसानों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर चद दिनों पहले तहसीलदार को ज्ञापन सौपा था और 26 नवंबर तक समस्याओं का समाधान नहीं होने की स्थिति में 27 नवंबर को चक्का जाम कर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई थी। अपने करार पर निर्धारित तिथि 27 नवंबर दिन गुरुवार के दोपहर लगभग 12:00 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग 130 में स्थित लहपटरा गांधी चौक के पास बड़ी संख्या में किसान एकजुट होकर सिस्टम के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने लगे। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार उमेश तिवारी प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच पहुंचे और किसानों से आपसी सलाह मशविरा करते हुए त्वरित समस्या के समाधान का आश्वासन दिया । नायब तहसीलदार के आश्वासन के बाद किसानों का विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ।
किसानों की मुख्य समस्याएँ —
1. गिर्दावरी और पंजीयन में भारी गड़बड़ी
किसानों ने बताया कि इस बार गिर्दावरी (भूमि सत्यापन) में कई त्रुटियाँ सामने आईं।
जहाँ पहले उनका पूर्ण रकबा दर्ज था, वहीं इस बार सिस्टम में रकबा कम दिखाया गया है जिससे धान खरीदी का वजन मात्रा अचानक घट गया।
किसानों का आरोप—
“ज़मीन वही है, लेकिन सिस्टम में रकबा कम दिखाकर हमारा सीधा नुकसान किया जा रहा है।”
2. DSC–RC सत्यापन और Agree-Stack में तकनीकी खराबी
रजिस्ट्रेशन की अनिवार्य प्रक्रियाएँ जैसे DSC और RC सत्यापन बार-बार फेल हो रही हैं।
Agree-Stack पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी के कारण approval और update लंबे समय से अटका हुआ है
3. सोसायटी और तहसील के चक्कर में फँसे किसान
किसानों ने बताया कि सोसायटी उन्हें तहसील भेज रही है और तहसील उन्हें वापस सोसायटी भेज रही है।
इस चक्कर में किसानों का समय, पैसा और मेहनत लगातार बर्बाद हो रहा है।
4. लक्ष्य से कम धान बेचने की मजबूरी
रकबा कम दर्ज होने और पंजीयन त्रुटियों के कारण किसान अपनी पूरा तौल वजन आदि की समस्याओं को लेकर काफी किसान परेशान थे इसको लेकर के आज लहपटरा गांधी चौक के पास किसानो ने चक्का जाम किये जाने एकत्रित हो रहे थे इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के समझाइश के बाद किसान संतुष्ट हुए लेकिन बड़ी बात यह है किसानों का रकबा सुधार किए जाने हेतु मात्र 30 नवंबर तक का समय दिया गया है जबकि कई किसानों का एग्री स्टेट सहित अन्य की समस्याएं बनी हुई हैं। जिसका समाधान इतने कम समय हो पाना संभव नहीं है। इस समस्या की निदान के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य रणविजय सिंह देव ने किसानों के समर्थन में कहा – यदि समस्या का समाधान समय सीमा के भीतर नहीं होता है तो किसानों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष कृपा शंकर गुप्ता रणविजय सिंह देव सूरज सिंह पैकरा,धर्मेंद्र झरिया ,राम रतन ,जीवन राम अजहर राम चौधरी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।



