घर में रोजाना पूजा की जाती है. पूजा के समय भगवान के आगे दीपक जलाया जाता है. पूजा में दीपक जलाने से भगवान प्रसन्न होते हैं. ऐसा करने से भगवान की कृपा बनी रहती है. मान्यता है कि दीपक की लौ घर में सकारात्मक तरंग लाती है और वातावरण में मौजूद नकारात्मकता को दूर करती है. यही कारण है पूजा के दीपक की हर चीज महत्वपूर्ण और विशेष होती है. कई बार लोग बिना सोचे-समझे पूजा के दीपक को कहीं भी रख देते हैं. दीपक का बचा हुआ घी या तेल किसी भी बर्तन में रख देते हैं. यही नहीं लोग दीपक में बची बत्ती और तेल को फेंक भी दिया करते हैं. ऐसा करने से पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता और अनजाने में दोष भी लग सकता है.
दीपक में बची बत्ती और तेल का क्या करें:- पूजा के बाद दीपक में बची बत्ती को इधर-उधर मत फेंकना चाहिए. इसे पीपल के पेड़ के नीचे रखना शुभ रहता है. क्योंकि पीपल के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश वास करते हैं. ऐसा करने से पूजा का पूर्ण फल मिलता है और नकारात्मकता का असर नहीं पड़ता. दीपक के बचे हुए तेल या घी को भी नहीं फेंकना चाहिए. इसे खाने या पकाने में भी उपयोग नहीं करना चाहिए. क्योंकि ये अभिमंत्रित हो चुका होता है. इसे शरीर पर थोड़ी मात्रा में हल्का सा लगाया जा सकता है. इससे शरीर को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.



