
मथुरा-वृंदावन की होली सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में मशहूर है। जहां पूरे भारत में होली का त्योहार सिर्फ दो दिन मनाया जाता है वहीं ब्रज क्षेत्र में इस पर्व की रौनक पूरे 40 दिनों तक रहती है। यहां होली की शुरुआत बसंत पंचमी से ही हो जाती है, जब मंदिरों में पहली बार ठाकुर जी को गुलाल लगाया जाता है। इसके बाद होली तक रंग खेलने का सिलसिला जारी रहता है। भगवान कृष्ण की नगरी में केवल रंग और पानी वाली ही होली नहीं खेली जाती बल्कि यहां होली के कई अलग-अलग रूप देखने को मिलते हैं।
यहां की लड्डू होली, लठमार होली, छड़ीमार होली, फूलों वाली होली, हुरंगा होली तो विश्वभर में प्रसिद्ध है। तभी तो इस होली में सिर्फ भारतीय ही नहीं बल्कि विदेशी भी खूब शामिल होते हैं। ब्रज की होली भक्तों को एक अलग ही लोक में ले जाती है।
ब्रज होली कैलेंडर 2026
| तारीख | होली का नाम | स्थान |
| 25 फरवरी 2026, बुधवार | लड्डू होली | बरसाना |
| 26 फरवरी 2026, गुरुवार | बरसाना लठ्ठमार होली | बरसाना |
| 27 फरवरी 2026, शुक्रवार | नंदगांव लठ्ठमार होली | नंदगांव |
| 28 फरवरी 2026, शनिवार | फूलों की होली | वृंदावन |
| 28 फरवरी 2026, शनिवार | विधवाओं की होली | वृंदावन |
| 1 मार्च 2026, रविवार | छड़ी-मार होली | गोकुल |
| 2 मार्च 2026, सोमवार | रमण रेती होली | गोकुल |
| 3 मार्च 2026, मंगलवार | होलिका दहन | मथुरा और वृंदावन |
| 4 मार्च 2026, बुधवार | रंगवाली होली (धुलंडी) | मथुरा और वृंदावन |
| 5 मार्च 2026, गुरुवार | हुरंगा होली (दाऊजी का हुरंगा) | दाऊजी मंदिर |
मथुरा-वृंदावन होली 2026
- 25 फरवरी 2026, बुधवार को बरसाना में लड्डू होली खेली जाएगी। इस दौरान राधा रानी मंदिर के अंदर भक्त एक-दूसरे पर लड्डू फेंकते हैं।
- 26 फरवरी 2026, गुरुवार को बरसाना में लठमार होली खेली जाएगी। इस दौरान महिलाएं पुरुषों को लाठी से मारती हैं। यह होली हंसी-मजाक और भक्ति के साथ खेली जाती है।
- 27 फरवरी 2026, शुक्रवार को नंदगांव में लठमार होली खेली जाएगी। इस दिन नंदगांव के गलियारे, रंग और मस्ती से भर जाते हैं।
- 28 फरवरी 2026, शनिवार को वृंदावन में फूलों की होली मनाई जाएगी। इस दौरान मंदिरों में फूलों की बारिश होती है। इसी दिन वृंदावन में विधवाओं की होली भी खेली जाएगी।
- 1 मार्च 2026, रविवार को गोकुल में छड़ी-मार होली का आयोजन होगा। यह गोकुल की एक विशेष परंपरा है, जो बरसाना की लठमार होली से थोड़ी है। यहां लाठी के बजाय हल्की छड़ी का प्रयोग किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि बाल गोपाल गोपियों को खूब तंग किया करते थे, इसलिए गोपियां उन्हें सबक सिखाने के लिए छड़ी लेकर उनके पीछे दौड़ती थी। ये होली भगवान कृष्ण की बचपन की यादों का ताजा करती है।
- 2 मार्च 2026, सोमवार को गोकुल के रमन रेती में होली उत्सव का आयोजन होगा। यहां श्रद्धालु और साधु-संत मिलकर भजन-कीर्तन के साथ रंग-बिरंगे फूलों की होली खेलते हैं।
- 3 मार्च 2026, मंगलवार को मथुरा और वृंदावन में होलिका दहन किया जाएगा। इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत की खुशी में मनाया जाता है।
- 4 मार्च 2026, बुधवार को मथुरा-वृंदावन समेत पूरे देश में रंगवाली होली यानी धुलंडी मनाई जाएगी।
- 5 मार्च 2026, गुरुवार को बलदेव के दौजी मंदिर में हुरंगा होली खेली जाएगी। इस होली में महिलाएं पुरुषों के कपड़े फाड़कर उन पर कोड़े (कपड़े के) बरसाती हैं। ये परंपरा भगवान बलराम द्वारा गोपियों के साथ होली खेलने की याद दिलाती है।



