Home छत्तीसगढ़ केंद्रीय बजट में शहरों की बुनियादी ज़रूरतें उपेक्षित – स्वप्निल सिन्हा

केंद्रीय बजट में शहरों की बुनियादी ज़रूरतें उपेक्षित – स्वप्निल सिन्हा

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सुरेश मिनोचा मनेन्द्रगढ़ : केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नगरपालिका मनेन्द्रगढ़ के वार्ड क्रमांक 22 के पार्षद स्वप्निल सिन्हा ने कहा कि यह बजट शहरी स्थानीय निकायों की वास्तविक जरूरतों को समझने में असफल रहा है। नगरों में तेजी से बढ़ती आबादी, बुनियादी सुविधाओं का दबाव और सीमित संसाधनों की समस्या को बजट में गंभीरता से नहीं लिया गया।स्वप्निल सिन्हा ने कहा कि शहरों में साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी मूलभूत सेवाओं के लिये केंद्र से मिलने वाली सहायता पहले से ही अपर्याप्त है और इस बजट में स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने के लिये कोई ठोस वित्तीय रोडमैप नजर नहीं आता।उन्होंने कहा कि नगरपालिका स्तर पर विकास कार्यों के लिये सीधे फंड ट्रांसफर और योजनाओं में लचीलापन बेहद जरूरी है लेकिन बजट में नगरपालिकाओं को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित रखा गया है। इससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार त्वरित निर्णय लेना मुश्किल हो जाता है।

पार्षद सिन्हा ने कहा कि शहरी गरीब, निम्न आय वर्ग और झुग्गी-बस्ती क्षेत्रों के लिये आवास, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं में अपेक्षित मजबूती नहीं दिखाई देती। महंगाई के इस दौर में शहरी गरीब वर्ग सबसे अधिक प्रभावित है लेकिन बजट में उनके लिये राहत के ठोस प्रावधान नदारद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं और महिलाओं के लिये शहरों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिये स्थानीय स्तर पर कौशल केंद्र, स्ट्रीट वेंडर्स के लिए सुरक्षित बाजार और छोटे व्यापार को संरक्षण देने की जरूरत थी लेकिन बजट में ऐसे व्यावहारिक कदमों का अभाव है।

स्वप्निल सिन्हा ने कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में “स्मार्ट और सशक्त शहरों” की बात करती है तो उसे नगरपालिकाओं को केवल नीतियों का पालनकर्ता नहीं बल्कि निर्णय लेने वाला भागीदार बनाना होगा। बिना संसाधन दिये स्थानीय सरकारों से बेहतर परिणाम की अपेक्षा करना व्यवहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बजट आंकड़ों और घोषणाओं का संग्रह है जबकि शहरों की रोजमर्रा की समस्याओं जैसे पानी, सफाई और यातायात का समाधान जमीन पर होना चाहिए। जनता अब बड़े दावों से नहीं स्थानीय स्तर पर दिखने वाले काम से संतुष्ट होती है।

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