
वैदिक पंचांग के अनुसार, सोमवार 09 फरवरी को फाल्गुन माह की कालाष्टमी है। यह पर्व हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर काल भैरव देव की विशेष पूजा की जाती है। साथ ही काल भैरव देव के निमित्त व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिल जाती है।
ज्योतिषियों की मानें तो फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर दुर्लभ शिववास योग का संयोग बन रहा है। साथ ही कई अन्य मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में काल भैरव देव की पूजा करने से साधक को मनचाहा वरदान मिलेगा। आइए, कालाष्टमी का शुभ मुहूर्त और योग जानते हैं-
सूर्यास्त – शाम 06 बजकर 07 मिनट पर
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05 बजकर 21 मिनट से 06 बजकर 12 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 26 मिनट से 03 बजकर 10 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 06 बजकर 04 मिनट से 06 बजकर 30 मिनट तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12 बजकर 09 मिनट से 01 बजकर 01 मिनट तक



