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भारत-अमेरिका ट्रेड डील में क्या-क्या, किन चीजों पर रहेगा जीरो टैरिफ? पढ़ें बड़ी बातें

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नई दिल्ली:  बीते काफी दिनों से भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर चर्चा हो रही है। दोनों देशों के बीच इस डील को लेकर सहमति बन गई है। भारत ने भी अमेरिका के साथ एक अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट के लिए सहमति जताई है। दोनों देशों ने इस संबंध में एक साझा बयान जारी किया है।

तो आइए जानते हैं इस ट्रेड डील की बड़ी बातें-

  1. अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है।
  2. इससे भारतीय एक्सपोर्टर्स, खासकर MSMEs, किसानों और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का बाजार खुलेगा।
  3. एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी से हमारी महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के मौके बनेंगे।
  4. इसके तहत, अमेरिका भारतीय सामानों पर आपसी टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा।
  5. यह समझौता टेक्सटाइल और कपड़ों, चमड़े और फुटवियर, प्लास्टिक और रबर उत्पादों, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प उत्पादों और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बड़े बाजार के मौके देगा।
  6. जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे और एयरक्राफ्ट पार्ट्स सहित कई तरह के सामानों पर टैरिफ घटकर जीरो हो जाएगा।
  7. भारत को सेक्शन 232 के तहत एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर छूट, ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ रेट कोटा और जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स पर बातचीत के नतीजे मिलेंगे।
  8. भारत मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, इथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियों और मांस सहित संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह से सुरक्षित करता है।
  9. वहीं, भारत सभी अमेरिकी इंडस्ट्रियल सामानों और अमेरिकी खाने-पीने और खेती के प्रोडक्ट्स की एक बड़ी रेंज पर टैरिफ खत्म करेगा या कम करेगा, जिसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन, जानवरों के चारे के लिए लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स और दूसरे प्रोडक्ट्स शामिल हैं।
  10. दोनों देश अपनी-अपनी पसंद के सेक्टर में एक-दूसरे को लगातार तरजीही बाजार तक पहुंच देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
  11. दोनों देश उत्पत्ति के नियम तय करेंगे ताकि यह पक्का हो सके कि समझौते का फायदा ज़्यादातर अमेरिका और भारत को ही मिले।
  12. अमेरिका और भारत उन नॉन-टैरिफ बाधाओं पर बात करेंगे जो द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करती हैं।
  13. भारत अमेरिकी मेडिकल डिवाइस के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही रुकावटों को दूर करने पर सहमत हो गया है और ऐसे प्रतिबंधात्मक इंपोर्ट लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को खत्म करेगा जो अमेरिकी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी सामानों के लिए मार्केट एक्सेस में देरी करते हैं या उन पर मात्रात्मक प्रतिबंध लगाते हैं।
  14. अमेरिका और भारत आपसी सहमति वाले क्षेत्रों के लिए अपने-अपने स्टैंडर्ड और अनुरूपता मूल्यांकन प्रक्रियाओं पर चर्चा करना चाहते हैं।
  15. अगर दोनों में से किसी भी देश के तय टैरिफ में कोई बदलाव होता है तो यूएस और भारत इस बात पर सहमत हैं कि दूसरा देश भी अपनी कमिटमेंट में बदलाव कर सकता है।
  16. दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत बातचीत के जरिए बाजार पहुंच के अवसरों को और बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे।
  17. अमेरिका और भारत ने सप्लाई चेन की मजबूती और इनोवेशन को बढ़ाने के लिए आर्थिक सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई है, ताकि तीसरे पक्षों की गैर-बाजार नीतियों से निपटने के लिए पूरक कदम उठाए जा सकें।
  18. भारत अगले पांच सालों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के एनर्जी प्रोडक्ट्स, एयरक्राफ्ट और एयरक्राफ्ट पार्ट्स, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोल खरीदने का इरादा रखता है।
  19. भारत और अमेरिका टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स में ट्रेड को काफी बढ़ाएंगे और जॉइंट टेक्नोलॉजी सहयोग का विस्तार करेंगे। इसमें ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट और डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले दूसरे सामान शामिल हैं।
  20. अमेरिका और भारत ने भेदभावपूर्ण या बोझिल तरीकों और डिजिटल ट्रेड में आने वाली दूसरी रुकावटों को दूर करने का संकल्प लिया है।
  21. अमेरिका और भारत इस फ्रेमवर्क को तुरंत लागू करेंगे और आपसी फायदे वाले द्विपक्षीय व्यापार समझौते को पूरा करने के मकसद से अंतरिम समझौते को फाइनल करने की दिशा में काम करेंगे।

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