
घर से अक्सर निकलते वक्त लोग सेब या फिर केला उठा लेते हैं। ये दोनों फल सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं, लेकिन ब्लड शुगर को लेकर लोगों के मन में कन्फ्यूजन बना रहता है। सवाल यही है कि सेब बेहतर है या केला। दोनों फलों का असर लगभग एक जैसा होता है, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए आपको बताते हैं कि दोनों फलों में से ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में कौन सा फल ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
सेब और केला, ब्लड शुगर पर क्या फर्क:- सेब और केला दोनों फलों में कार्बोहाइड्रेट और नेचुरल शुगर पाया जाता है। हालांकि सेब में ज्यादा फाइबर मौजूद होता है, जो इसे थोड़ा बेहतर बनाता है, क्योंकि यह धीरे पचता है और ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ने देता। वहीं केला जल्दी एनर्जी देता है, लेकिन ज्यादा पका और बड़ा केला शुगर लेवल तेजी से बढ़ा सकता है।
केले का ब्लड शुगर पर असर:- मीडियम साइज के पके केले में कार्बोहाइड्रेट ज्यादा होते हैं, लेकिन इसमें फाइबर भी मौजूद होता है जो ब्लड शुगर के अस को बैलेंस करता है। कम पका केला ब्लड शुगर के लिए बेहतर माना जाता है क्योंकि उसमें रेजिस्टेंट स्टार्च ज्यादा होता है।
सेब क्यों माना जाता है बेहतर:- सेब में पेक्टिन फाइबर मौजूद होते हैं, जो ग्लूकोज के अवशोषण को कम करता है। छिलके सहित सेब खाने से फाइबर का पूरा फायदा मिलता है और ब्लड शुगर धीरे बढ़ता है।
ब्लड शुगर कंट्रोल रखने के आसान टिप्स:- फल को अकेले खाने की बजाय किसी प्रोटीन के साथ खाएं। जैसे सेब या केला पीनट बटर या ड्राई फ्रूट्स के साथ खाएं। खाने के बाद 10 से 15 मिनट टहलना और पूरी नींद लेना भी ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद करता है। बता दें कि सेब और केला दोनों ही ब्लड शुगर के लिए नुकसानदायक नहीं होते हैं। सही मात्रा, सही समय और बैलेंस डाइट के साथ आप दोनों फलों को खा सकते हैं।



