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रोहित शर्मा जैसे ही धोनी का हुआ था हाल, कप्तानी छोड़ी नहीं हटाया गया, पूर्व सलेक्टर ने बताई उस रात की कहानी

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ई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व चयनकर्ता जतिन परांजपे ने टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लेकर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि इस दिग्गज ने अपनी मर्जी से कप्तानी नहीं छोड़ी थी बल्कि उनको ऐसा करने के लिए कहा गया था.

जतिन ने जनवरी 2017 में हुई एक अहम बातचीत का खुलासा किया है. जिसके बाद एमएस धोनी ने भारत की सीमित ओवरों की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था. 4 जनवरी 2017 को इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज से ठीक पहले धोनी ने वनडे और टी20 कप्तानी छोड़ दी थी.

धोनी भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक रहे हैं. उनकी कप्तानी में टीम ने तीनों बड़ी आईसीसी ट्रॉफियां जीतीं और लगभग हर वो मुकाम हासिल किया, जो एक कप्तान चाहता है. 2014 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने पूरी तरह वनडे और टी20 पर ध्यान केंद्रित किया.

जतिन परांजपे ने बताया कि धोनी ने कप्तानी क्यों छोड़ी

धोनी ने 2015 वर्ल्ड कप और 2016 टी20 वर्ल्ड कप में टीम की अगुवाई की लेकिन दोनों बार टीम सेमीफाइनल में बाहर हो गई. इंग्लैंड में होने वाले अगले 50 ओवर वर्ल्ड कप की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं, जिसे धोनी अक्सर “प्रोसेस” का हिस्सा बताते थे.

परांजपे ने द ग्रेट इंडियन क्रिकेट शो में बताया, “माही बल्लेबाजी कर रहे थे. वह एक घंटे तक बल्लेबाजी करते रहे और मैं और एमएसके एक-दूसरे को देख रहे थे. हमने सोच रखा था कि उन्हें सबसे सम्मानजनक तरीके से कैसे बताना है. फिर हम उनके पास गए और कहा, ‘माही, हमें लगता है कि अब आगे बढ़ने का सही समय है. तो धोनी ने एमएसके से कहा, ‘अन्ना, यह एकदम सही फैसला है. मुझे बताओ आपको मुझसे क्या चाहिए.’ एमएसके ने कहा कि आपको लिखकर देना होगा कि आप आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं.”

कप्तानी छोड़ने को कहे जाने पर क्या थी धोनी की प्रतिक्रिया

धोनी के कप्तानी छोड़ने के फैसले से विराट कोहली के लिए टीम की पूरी कमान संभालने का रास्ता साफ हो गया. कोहली पहले ही टेस्ट क्रिकेट में भारत की कप्तानी कर रहे थे और टीम को नए मुकाम तक पहुंचा चुके थे. धोनी सीनियर खिलाड़ी के तौर पर टीम में बने रहे और बाद में कोहली ने 2019 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड में भारत की कप्तानी की.

परांजपे ने कहा, “धोनी ने कहा, ‘ठीक है, मैं कर दूंगा.’ रात को हमें एक ईमेल मिला: ‘मैं कप्तानी छोड़ना चाहता हूं.’ हमें यह फैसला लेना पड़ा. हमें इसकी आलोचना भी झेलनी पड़ी, लेकिन ऐसे कड़े फैसले लेने ही पड़ते हैं.”

 

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