
ईरान पर अमेरिका और इजरायल संयुक्त रूप से हमला कर रहे हैं। इस हमले में ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया है। खासकर तेहरान पर लगातार मिसाइलों से हमला किया जा रहा है। इस बीच ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। महमूद अहमदीनेजाद की बात करें तो यह काफी लंबे समय तक ईरान के राष्ट्रपति रहे। साल 2005 में इन्होंने ईरान के राष्ट्रपति पद को संभाल तो करीब 2013 तक चला। आठ सालों तक ईरान के राष्ट्रपति के पद पर रहने वाले महमूद अहमदीनेजाद ने ईरान के हित में कई अहम फैसले लिए थे।
कौन थे महमूद अहमदीनेजाद
महमूद अहमदीनेजाद ने 2005 से 2013 तक ईरान के छठे राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। इससे पहले 2003 से 2005 तक उन्होंने तेहरान के मेयर के रूप में कार्य किया, इस दौरान उन्होंने अपने पूर्ववर्ती के कई सुधारों को बदला था। ईरानी क्रांति के बाद, अहमदीनेजाद ने एकता सुदृढ़ीकरण कार्यालय में काम करना शुरू किया। साल 1993 में एक प्रांतीय गवर्नर नियुक्त होने के बाद, राष्ट्रपति मोहम्मद खातमी के चुनाव के बाद 1997 में उन्हें अन्य सभी प्रांतीय गवर्नरों के साथ हटा दिया गया और वे शिक्षण कार्य में लौट आए। तेहरान की परिषद ने उन्हें 2003 में मेयर चुना। उन्होंने धार्मिक रूप से कठोर रुख अपनाया और पिछले उदारवादी मेयरों के सुधारों को उलट दिया। इस्लामिक ईरान के बिल्डर्स गठबंधन द्वारा समर्थित उनके 2005 के राष्ट्रपति अभियान में उन्हें दूसरे दौर के चुनाव में 62% वोट मिले और वे 3 अगस्त 2005 को राष्ट्रपति बने।
खामेनेई की मौत के बाद अराफी बने नए लीडर
बता दें कि ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई आज सुबह एक हमले में मारे गए। जानकारी के मुताबिक खामेनेई जिस जगह पर मौजूद थे वहां पर कम से कम 30 बी2 बॉम्बर से हमला किया गया था। वहीं खामेनेई के अलावा उनकी बेटी और दामाद समेत परिवार के कई लोगों की मौत हो गई है। ईरान के सरकारी मीडिया के हवाले से बताया गया कि इजराइल-अमेरिकी हमलों में अली खामेनेई की बेटी, पोती, बहू और दामाद मारे गए। वहीं इजरायली हमलों में मारे गई ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की जगह अब अलीरेजा अराफी को देश का नया लीडर बनाया गया है।



