
नई दिल्ली : आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन, टैबलेट और टीवी बच्चों के जीवन का अहम हिस्सा बन गए हैं। मनोरंजन से लेकर पढ़ाई तक, सब कुछ स्क्रीन पर सिमट गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों के शारीरिक विकास, आंखों की रोशनी और उनके सामाजिक व्यवहार पर बुरा असर डाल रहा है?
कई बार पेरेंट्स बिजी होने के कारण बच्चों के हाथ में फोन थमा देते हैं, जो धीरे-धीरे एक गंभीर लत बन जाती है। अगर आप भी अपने बच्चे की इस आदत से परेशान हैं, तो घबराएं नहीं। इन 5 स्मार्ट टिप्स की मदद से आप बिना किसी जोर-जबरदस्ती के उनका स्क्रीन टाइम कम कर सकते हैं।
खुद बनें एक रोल मॉडल
बच्चे वही करते हैं जो वे अपने बड़ों को करते देखते हैं। अगर आप खुद हर समय फोन पर लगे रहेंगे, तो बच्चा भी वही सीखेगा। सबसे पहले अपना स्क्रीन टाइम सीमित करें। जब आप बच्चों के साथ हों, तो फोन को दूर रखें और उनके साथ क्वालिटी टाइम बिताएं। जब वे आपको किताब पढ़ते या घर के काम करते देखेंगे, तो वे भी फोन से दूर रहने के लिए प्रेरित होंगे।
नो स्क्रीन जोन और टाइम लिमिट
घर में कुछ खास जगहें और समय ऐसे तय करें जहां फोन या गैजेट्स का इस्तेमाल न करें, जैसे- डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय और बेडरूम में सोने से एक घंटा पहले। इसके अलावा, दिन भर में स्क्रीन इस्तेमाल करने का एक फिक्स समय तय करें।
हॉबीज विकसित करें
बच्चे अक्सर बोरियत की वजह से फोन उठाते हैं। उनकी इस बोरियत को क्रिएटिविटी में बदलें। उन्हें पेंटिंग, डार्क-बोर्ड गेम्स, गार्डनिंग, कहानी पढ़ना या म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट सीखने के लिए प्रेरित करें। जब उनका मन किसी दिलचस्प काम में लगा होगा, तो उन्हें स्क्रीन की याद कम आएगी।
आउटडोर एक्टिविटीज को बढ़ावा दें
फिजिकल एक्टिविटी स्क्रीन की लत को कम करने का सबसे बेहतरीन तरीका है। शाम के समय बच्चों को पार्क में ले जाएं, उनके साथ फुटबॉल, क्रिकेट या बैडमिंटन खेलें। ताजी हवा और फिजिकल एक्टिविटी से न केवल उनका शरीर स्वस्थ रहेगा, बल्कि उनका मानसिक तनाव भी कम होगा।
स्क्रीन टाइम को ईनाम की तरह इस्तेमाल करें
स्क्रीन टाइम को बच्चे के लिए प्रिविलेज बनाएं। उनसे कहें कि अगर वे अपना होमवर्क समय पर पूरा करेंगे या अपना कमरा साफ रखेंगे, तभी उन्हें 20 मिनट के लिए अपना पसंदीदा कार्टून देखने मिलेगा। इससे बच्चों में जिम्मेदारी की भावना आएगी और उनका स्कीन टाइम भी लिमिट होगा।



