Home छत्तीसगढ़ तेज गर्मी में बढ़ा लू का खतरा,ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की...

तेज गर्मी में बढ़ा लू का खतरा,ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की जागरूकता पहल

0

राधेश्याम सोनवानी गरियाबंद, 11 मार्च 2026 :  छत्तीसगढ़ राज्य के साथ-साथ गरियाबंद जिले में भी मौसम में लगातार परिवर्तन के बाद अब तेज धूप और गर्मी की शुरुआत हो गई है, जिससे लू लगने की आशंका बढ़ गई है। वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों के लोग जंगलों में महुआ संकलन का कार्य बड़े पैमाने पर कर रहे हैं, लेकिन पर्याप्त मात्रा में पानी और पेय पदार्थ साथ में नहीं ले जाने के कारण कई लोग निर्जलीकरण का शिकार भी हो जाते हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एस. नवरत्न ने जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों के संस्था प्रभारियों को लू से बचाव और उपचार के लिए पर्याप्त मात्रा में आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों और ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मैदानी स्वास्थ्य अमले और मितानिनों के माध्यम से लू लगने के कारणों और उससे बचाव के उपायों के संबंध में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि लू लगना खतरनाक और कई बार जानलेवा भी साबित हो सकता है, इसलिए समय रहते सावधानी बरतना जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लू के सामान्य लक्षणों में सिर में भारीपन और दर्द का अनुभव होना, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर आना और उल्टी होना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीना न आना, अधिक प्यास लगना और पेशाब कम आना, भूख कम लगना तथा गंभीर स्थिति में बेहोश होना शामिल है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सावधानी बरतना और चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।

लू से बचाव के लिए लोगों को सलाह दी गई है कि अत्यंत आवश्यक न होने पर तेज धूप में घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर और कान को कपड़े से ढककर निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। अधिक समय तक धूप में रहने से बचें और गर्मी के मौसम में नरम व सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर को ठंडक मिल सके। अधिक पसीना आने की स्थिति में ओआरएस घोल का सेवन करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को चक्कर या मितली महसूस हो तो उसे छायादार स्थान पर आराम करवाना चाहिए और ठंडा पेयजल, फल का रस, लस्सी या मठा आदि दिया जा सकता है। प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द्र से निःशुल्क परामर्श भी लिया जा सकता है। उल्टी, सिरदर्द या तेज बुखार की स्थिति में निकटतम अस्पताल या स्वास्थ्य केन्द्र में तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाए तो प्रारंभिक उपचार के रूप में उसके सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखनी चाहिए और अधिक मात्रा में पानी तथा पेय पदार्थ जैसे कच्चे आम का पन्ना या जलजीरा आदि पिलाना चाहिए। पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लिटाकर शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करते रहना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर मितानिन या एएनएम से ओआरएस का पैकेट लेकर दिया जा सकता है और मरीज को जल्द से जल्द किसी नजदीकी चिकित्सक या अस्पताल में इलाज के लिए ले जाना चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here