हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन गुड़ी पड़वा का पावन पर्व मनाया जाता है. ये पर्व मराठी नववर्ष की शुरुआत के रूप में मनाया जाता है. इसी दिन मराठी नववर्ष की शुरुआत होती है. यही नहीं ये वो दिन भी है जब हिंदू नववर्ष शुरू होता है. मराठी और कोंकणी हिंदू बड़े उल्लास के साथ गुड़ी पड़वा का पर्व मनाते हैं. इस पर्व की शुरुआत तेल स्न्नान से की जाती है. इस दिन सुबह जल्दी उठकर शरीर पर तिल या अन्य सुगंधित तेल की मालिश की जाती है. फिर स्नान किया जाता है.
इसके बाद नए कपड़े पहनकर घर के मुख्य द्वार पर गुड़ी फहराई जाती है. उसकी पूजा-आरती की जाती है. फिर नीम के पत्ते और गुड़ का प्रसाद खाया जाता है. शाम में पूजा के बाद गुड़ी उतारकर शुद्ध जगह पर रख दी जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, गुड़ी पड़वा के दिन घर में गुड़ी की पूजा करने से घर में सुख-शांति आती है. सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि आती है. हालांकि, इस साल लोगों के मन में ये संशय है कि गुड़ी पड़वा का पर्व 19 को मनाया जाएगा या 20 मार्च को. ऐसे में आइए जानते हैं इस पर्व की सही तारीख और शुभ मुहूर्त.
कब मनाया जाएगा गुड़ी पड़वा:- इस साल चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष के प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 19 मार्च को सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर होगी. वहीं इस तिथि का समापन 20 मार्च को सुबह 04 बजकर 52 मिनट पर को हो जाएगा. ऐसे इस साल गुड़ी पड़वा का पर्व 19 मार्च को मनाया जाएगा. इसी दिन मराठी शक सम्वत 1948 की शुरुआत होगी.
गुड़ी पड़वा 2026 शुभ मुहूर्त:- गुड़ी पड़वा के दिन सूर्योदय- प्रात: काल 06 बजकर 26 मिनट पर होगा. इस दिन चन्द्रास्त शाम 06 बजकर 58 मिनट पर होगा. ब्रह्म मुहूर्त प्रात: काल 04 बजकर 58 पर शुरू होगा और 05 बजकर 38 मिनट तक रहेगा. अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 04 मिनट पर शुरू होगा. ये मुहूर्त 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 29 मिनट पर शुरू होगा और दोपहर 03 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. सायाह्न सन्ध्या शाम 06 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी. ये शाम 07 बजकर 43 मिनट तक रहेगी.



