बिलासपुर :छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने न्यायिक प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए उच्च न्यायिक सेवा के 30 जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के तबादले कर दिए हैं। इसके साथ ही कई वरिष्ठ सिविल जजों को पदोन्नति देते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी आदेश ने प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में व्यापक पुनर्संतुलन का संकेत दिया है।
सीनियर सिविल जजों को मिली नई जिम्मेदारी
जारी सूची के अनुसार मंजू लता सिन्हा को रायपुर से अंबागढ़ चौकी में प्रथम सिविल जज सह CJM, बरखा रानी वर्मा को अंबिकापुर से नारायणपुर, और गुलापन राम यादव को भानुप्रतापपुर से अंबिकापुर में वरिष्ठ सिविल जज के रूप में पदस्थ किया गया है।
कुमारी अमिता जायसवाल को बलौदाबाजार से राजनांदगांव, जबकि मोहम्मद जहांगीर तिगाला को बेमेतरा से रायपुर CJM के रूप में भेजा गया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में भी बदलाव
अनिता कोशिमा रावटे को बेमेतरा से रायपुर, अंशुल वर्मा को चिरमिरी से राजीम-गरियाबंद, सचिन पाल टोप्पो को दुर्ग से बलौदाबाजार और श्वेता गोस्वामी को बिलासपुर से बलरामपुर भेजा गया है।
अकांक्षा ठाकुर को धमधा से बिलासपुर, क्रांति कुमार सिंह को जशपुर से रायपुर और अनिता तिग्गा को दुर्ग से भानुप्रतापपुर स्थानांतरित किया गया है।
30 जिला एवं सत्र न्यायाधीशों का तबादला
हाईकोर्ट ने उच्च न्यायिक सेवा के तहत बड़े पैमाने पर तबादले करते हुए यशवंत वासनिकर को गरियाबंद से मनेन्द्रगढ़-कोरिया, अरविंद कुमार को एनजीटी नई दिल्ली से पेंड्रा रोड, और निरंजन लाल चौहान को बिलासपुर से चिरमिरी भेजा है।
इसके अलावा सिद्धार्थ अग्रवाल, किरण कुमार जांगड़े, आनंद प्रकाश दीक्षित, कृष्ण पाल सिंह भदौरिया, मुकेश कुमार तिवारी, वंदना वर्मा, रूपनारायण पात्रे, ओम प्रकाश साहू सहित कई न्यायाधीशों के स्थानांतरण आदेश जारी हुए हैं।
न्यायिक ढांचे को नई गति
हाईकोर्ट के इस व्यापक फेरबदल को न्यायिक व्यवस्था में कार्यक्षमता बढ़ाने और प्रशासनिक संतुलन साधने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। बड़े पैमाने पर हुए तबादले और पदोन्नतियां यह संकेत दे रही हैं कि अब निचली अदालतों की कार्यप्रणाली में भी नई गति और जवाबदेही देखने को मिल सकती है।



