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बढ़ती गर्मी लाएगी ‘महासंकट’! 2050 तक लाखों लोगों की जा सकती है जान, जाने बड़ा कारण…

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बीते कुछ सालों से वैश्विक तापमान बढ़ रहा है. इस क्लाइमेट चेंज का असर अब सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सीधे लोगों की सेहत पर भी असर डाल रहा है. इसको लेकर हाल ही में जर्नल The Lancet Global Health में एक स्टडी प्रकाशित की गई है. इसमें बताया गया है कि बढ़ती गर्मी के कारण लोग फिजिकल एक्टिविटी करना कम कर देंगे. इससे साल 2050 तक हर साल करीब 7 लाख अधिक मौतें होने की आशंका है.स्टडी में बताया गया है कि साल दर साल बढ़ती गर्मी के कारण लोग घर से बाहर एक्सरसाइज नहीं कर रहे हैं. ज्यादा गर्मी और उमस एक्सरसाइज करने की क्षमता भी कम हो रही है. कई जगहों पर हालात ऐसे हो सकते हैं कि लोग गर्मी के कारण चलने-फिरने जैसी एक्सरसाइज तक न करें. स्टडी में कहा गया है कि साल 2030 तक ही गर्मी के कारण लोगों की फिजिकल एक्टिविटी 15 फीसदी तक कम हो सकती है.

गर्मी से अतिरिक्त मौतों कैसे होंगी:- इसको ऐसे समझें, गर्मी के कारण लोग एक्सरसाइज कम करेंगे. कम एक्सरसाइज से दिल की बीमारी, डायबिटीज का खतरा बढ़ेगा, ये बीमारियां मौतों का एक बड़ा कारण हैं. इसके अलावा ज्यादा गर्मी से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन से भी मौतों का रिस्क होगा, वहीं, कम एक्सरसाइज से कई तरह की मेटाबॉलिक डिजीज भी होगी. जो बाद में अतिरिक्त मौतों का कारण बन सकती हैं. अतिरिक्त मौतें यानी मान लो किसी कारण (जैसे गर्मी, बीमारी या प्रदूषण) के बिना एक साल में 20 लाख लोगों की मौत होती है, लेकिन अगर उसी साल गर्मी बहुत बढ़ जाए, जिससे लोग एक्सरसाइज न कर पाएं हीट स्ट्रोक के मामले बढ़ें और इससे इन 20 लाख मौतों का आंकड़ा बढ़कर 22 हो जाए तो 2 लाख अतिरिक्त मौतें होंगी. ये मौतें नॉर्मल परिस्थितियों में नहीं होतीं, लेकिन गर्मी बढ़ने के कारण फिजिकल एक्टिविटी न होने और उनसे बीमारियां होने के कारण होंगी

भारत पर क्या होगा असर:- स्टडी में अनुमान लगाया गया है कि 2050 तक भारत में फिजिकल इनएक्टिविटी से जुड़ी मृत्यु दर 10.62 प्रति 1 लाख आबादी तक पहुंच सकती है. एक्सपर्ट्स सुझाव देते हैं कि हीट-सेफ एक्सरसाइज गाइडलाइंस लानी जरूरी हैं ताकि लोग गर्मी बढ़ने से भी एक्सरसाइज कर सकें. इसके साथ साथ ही क्लाइमेट चेंज पर चिंतन करके ग्लोबल वार्मिंग पर काबू करने के प्रयास करना भी जरूरी हैं.

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