जम्मू : पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रदेश में नए पहाड़ी जिलों के गठन के साथ ही जम्मू प्रांत को तीन प्रांतो में पुनगर्ठित करने की मांग की है। पीडीपी ने जम्मू प्रांत में दो और नए प्रांत चिनाव एवं पीर पंजाल के गठन की मांग की है।
अपनी इस मांग को पूरा कराने के लिए पीडीपी ने प्रदेश विधानसभा में निजि सदस्य बिल भी पेश किया है। जम्मू कश्मीर में मौजूदा समय में दो डिवीजन/प्रांत जम्मू और कश्मीर हैं। दोनों प्रांतों में 10-10 जिले हैं। जम्मू-कश्मीर विधानसभा बजट सत्र:2026 को दूसरा चरण 27 मार्च को शुरु हो रहा है। पहला चरण दो फरवरी से 20 फरवरी तक चला है।
पीडीपी की युवा इकाई के प्रधान और पुलवामा के विधायक वहीद-उर-रहमान परा ने विधानसभा में जम्मू कश्मीर जम्मू-कश्मीर टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेटिव रीआर्गेनाइजेशन बिल, 2026 लाया है। प्रस्तावित बिल में मौजूदा जम्मू-कश्मीर डिवीजनों के साथ-साथ और भी प्रशासनिक इकाईयों के गठन की मांग है।
नए जिले बनाने पर दिया है जोरपीडीपी ने अपने बिल जम्मू प्रांत को तीन प्रांतों में बांटते हुए, इसे तीन प्रांतों में पुनर्गठित करने और नए जिले बनाने पर जोर दिया है। पीडीपी ने रामबन-डोडा-किश्तवाड़ को मिलाकर चिनाब प्रांत गठित करने का सुझाव दिया है। चिनाब प्रांत का मुख्यायल डोडा को बनाने की प्रस्ताव है जबकि पीर पंजाल प्रांत में राजौरी-पुछ शामिल हैं और इसका मुख्याल राजौरी रहेगा।
पीडीपी ने अपने बिल में कश्मीर प्रांतके पुनर्गठन पर जोर नहीं दिया है,लेकिन नए जिलों के गठन की बात की है। पीडीपी ने प्रस्तावित बिल में मौजूदा पुलवामा जिले के त्राल-अवंतीपोर, जिला अनंतनाग में अशमुकाम, जिला बडगाम में बीरवाह, उत्तरी कश्मीर के जिला बारामुला मेें सोपोर, जिला कुपवाड़ा में हंदवाड़ा, बाडीपोर में गुरेज और कुपवाड़ा में टंगडार-करनाह समेत सात पहाड़ी जिलाें के गठन पर जोर दिया है।
जम्मू प्रांत में जिला राजौरी के अंतर्गत नौशहरा, जिला डोडा में भद्रवाह, जिला रामबन में बनिहाल, जिला जम्मू में अखनूर, जिला कठुआ में बिलावर, जिला राजौरी में कोटरंका और जिला मुंछ में मेंढर को जिला बनाने पर जोर दिया है।
पीडीपी के अनुसार, कई जिलों को क्षेत्रफल अधिक है और उनकी भौगोलिक परिस्थितियां जटिल होने के अलावा वह विकास के मामले में भी पीछे हैं। नयी प्रशासनिक इकाइयों से उनका समग्री विकास होगा।



