चिरमिरी/मनेंद्रगढ़ : कहते हैं कि राजनीति में जनता को सपने दिखाना आसान है, लेकिन उन सपनों को धरातल पर उतारना मजबूत इच्छाशक्ति का काम होता है। कोयला नगरी चिरमिरी और जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ की जनता ने पिछले कुछ वर्षों में राजनीति के दो विपरीत चेहरों को बहुत करीब से देखा है। एक वह दौर था जब ‘सिर्फ बोर्ड’ लगाकर वाहवाही लूटने की कोशिश हुई, और एक आज का दौर है जहाँ अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की दीवारें खुद विकास की गवाही दे रही हैं।
जब जनता की भावनाओं से हुआ था ‘बोर्ड’ वाला खिलवाड़
पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान चिरमिरी ने एक अजीबोगरीब वाकया देखा था। तत्कालीन विधायक डॉ. विनय जायसवाल ने आनन-फानन में मल्टी स्पेशियल्टी हॉस्पिटल का बोर्ड तो टांग दिया, लेकिन वह अस्पताल कागजों से बाहर नहीं निकल पाया। आलम यह था कि दोपहर में जनता को बरगलाने के लिए बोर्ड लगाया गया और राजनीतिक विफलता के कारण रातों-रात उसे हटा भी दिया गया। वह ‘बोर्ड पॉलिटिक्स’ आज भी चिरमिरी की जनता के ज़हन में एक छलावे के रूप में दर्ज है।
परिवर्तन की बयार: ‘नाम’ नहीं, अब ‘काम’ बोल रहा है
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही मनेंद्रगढ़ विधायक श्यामबिहारी जायसवाल को जब स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली, तो पूरे एमसीबी जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं की तस्वीर बदलने लगी। जिस जिला अस्पताल का सपना सालों से अधर में था, उसे न केवल शुरू किया गया बल्कि अब वह पूरी क्षमता के साथ जनता की सेवा कर रहा है।
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी के बीच आकार ले रहा है ‘मेडिकल कॉलेज’
विकास की इस कड़ी में सबसे बड़ा मील का पत्थर मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज है। मनेंद्रगढ़ और चिरमिरी के बीच निर्माणाधीन यह भव्य मेडिकल कॉलेज न केवल इस क्षेत्र को एक नई पहचान देगा, बल्कि यहाँ के युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा। स्वास्थ्य मंत्री की व्यक्तिगत रुचि और लगातार मॉनिटरिंग का ही परिणाम है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम युद्ध स्तर पर जारी है।
अब मेंटल हॉस्पिटल की बारी
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल की सक्रियता का ही परिणाम है कि चिरमिरी अब स्वास्थ्य सुविधाओं का केंद्र बनने जा रहा है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की सौगात के बाद अब यहाँ एक अत्याधुनिक मेंटल हॉस्पिटल (मानसिक चिकित्सालय) के निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है। यह न केवल जिले के लिए बल्कि पूरे संभाग के मरीजों के लिए वरदान साबित होगा।
स्वास्थ्य मंत्री की पहल
क्षेत्र की जनता अब समझ चुकी है कि विकास ‘रातों-रात बोर्ड हटाने’ से नहीं, बल्कि ‘दिन-रात योजना को धरातल पर लाने’ से होता है। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल की इन पहलों ने उन विरोधियों को करारा जवाब दिया है जो केवल घोषणाओं की राजनीति में विश्वास रखते थे।



