एस एच अज़हर अमन पथ दंतेवाड़ा : जिला दक्षिण बस्तर दन्तेवाड़ा पुलिस लाईन कारली में मंगलवार ‘‘पूना मारगेम- पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ पहल के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास कार्यक्रम ओयाजित किया गया।इस अवसर पर दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े कुल 05 माओवादी कैडरो ने हिंसा का मार्ग त्याग कर समाज की मुख्याधारा में शामिल होने का निर्णय लिया।यह कार्यक्रम पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी,पुलिस उप महानिरीक्षक सीआरपीएफ दन्तेवाड़ा रेंज राकेश चौधरी,कलेक्टर दन्तेवाड़ा देवेश ध्रुव, गौरव राय,कमाण्डेंट 111वीं वाहिनी सीआरपीएफ गोपाल यादव,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा रामकुमार बर्मन,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स दन्तेवाड़ा जितेन्द्र कुमार खुटे सहित केन्द्रीय सुरक्षा बलों तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।आत्मसमर्पण करने वाले कैडर में माओवादी संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारी शामिल रहे।इनमें 01 भैरमगढ़ एरिया कमेटी (एसीएम), 03 भैरमगढ़ एरिया कमेटी (पार्टी सदस्य) एवं 01 गंगालूर एरिया कमेटी (पार्टी सदस्य) शामिल हैं।
इन सभी पर मिलाकर लगभग 09 लाख रूपये की ईनाम राषि घोषित हैं।उल्लेखनीय हैं कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों द्वारा प्रदान की गई सूचनाओं एवं अन्य खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों द्वारा विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए नक्सल विरोधी अभियानों के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण हथियारों की बरामदगी की गई हैं।पुलिस विभाग से मिली जानकारी अनुसार दिनांक 31 मार्च 2026 को आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में एसीएम/भैरमगढ़ एरिया कमेटी सोमे कड़ती निवासी चेरली कोकोदीपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर (05 लाख),पार्टी सदस्य/भैरमगढ़ एरिया कमेटी लखमा ओयाम पिता निवासी बेचापाल कड़तीपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर (01 लाख),पार्टी सदस्य/भैरमगढ़ एरिया कमेटी सरिता पोड़ियाम निवासी हिंगुम नयापारा थाना जंगला जिला बीजापुर (01 लाख),पार्टी सदस्य/भैरमगढ़ एरिया कमेटी जोगी कलमू निवासी नेण्ड्रा गोटूमपारा थाना बासागुडा जिला बीजापुर (01 लाख)।,पार्टी सदस्य/गंगालूर एरिया कमेटी मोटी ओयाम निवासी पीडिया कुप्पागुडापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर (01 लाख) रु ईनामी शामिल हैं।इस असवर पर बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट किया कि ‘‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ पहल के माध्यम से हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वालें युवाओं को पुनर्वास,सुरक्षा तथा सम्मानजनक जीवन के अवसर प्रदान किये जा रहे हैं।इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में स्थायी शांति,विकास और विश्वास के वातावरण को और अधिक सुद्ढ़ बनाना हैं,ताकि बस्तर क्षेत्र में शांति और प्रगति की नई संभावनाए साकार हो सके।



