Home आस्था कल है वैशाख माह का कालाष्टमी व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त,...

कल है वैशाख माह का कालाष्टमी व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व….

0

सनातन धर्म में हर मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का विशेष महत्व है. इस दिन कालाष्टमी का व्रत रखा जाता है. ये दिन भगवान शिव के उग्र रूप काल भैरव को समर्पित किया गया है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन काल भैरव देव जी प्रकट हुए थे. ऐसे में इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से काल भैरव की पूजा-अर्चना करने से नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है.जीवन के सभी तरह के भय से मुक्ति मिलती है. जीवन में सुख-शांति बनी रहती है. वैशाख माह की कालाष्टमी का व्रत कल रखा जाएगा. ऐसे में आइए जानते हैं इसकी पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व.

वैशाख कालाष्टमी पूजा शुभ मुहूर्त:- काल भैरव की पूजा रात के समय अधिक शुभ मानी जाती है. कालाष्टमी पर रात के समय ही काल भैरव देव का पूजन करें. 10 अप्रैल को रात रात 09 बजे से 11 बजे के बीच पूजा का सबसे उत्तम समय रहने वाला है.

कालाष्टमी पूजा विधि:- कालाष्टमी के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और फिर साफ वस्त्र पहनें. इसके बाद मन में व्रत का संकल्प लें. फिर पहले भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें. इसके बाद काल भैरव का अभिषेक कर उनको तिलक लगाएं. पूजा के दौरान काल भैरव को फूल, काले तिल, सरसों का तेल, गुड़, काली उड़द, कच्चा दूध और मीठी रोटी चढ़ाएं. काल भैरव के मंत्रों का जाप करें. शिव चालीसा और भैरव चालीसा का पाठ करें. अंत में आरती करके पूजा का समापन करें.

कालाष्टमी व्रत का महत्व:- मान्यता है कि इस दिन भगवान काल भैरव की पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और शत्रुओं से रक्षा होती है. इसके अलावा इस व्रत को रखने से मानसिक तनाव कम होता है. जीवन में सुख-समृद्धि आती है. काल भैरव समय के स्वामी हैं. इसलिए उनकी पूजा जीवन में स्थिरता और अनुशासन लाती है.

वैशाख कालाष्टमी तिथि

1. वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि आज रात 09 बजकर 19 मिनट पर शुरू हो रही है.

2. इसका समापन 10 अप्रैल रात 11 बजकर 15 मिनट पर होगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here