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12 या 13 अप्रैल… कब से शुरू हो रहे हैं पंचक? भूलकर भी न करें ये गलतियां….

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हर माह में पंचक लगता है. पंचक को अशुभ माना जाता है. ये वो पांच दिन होते हैं, जिसमें हर प्रकार के शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है. मान्यता है कि पंचक के दौरान किए गए कामों के शुभ फल प्राप्त नहीं होते हैं. शास्त्रों के अनुसार, पंचक तब लगता है, जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र में गोचर करता है. पंचक कई प्रकार के होते हैं. जिनमें कुछ शुभ पंचक भी होते हैं. अप्रैल माह में पंचक लगने वाला है. हालांकि, अप्रैल में लगने वाले पंचक को लेकर लोगों के मन में भ्रम की स्थिति है. कुछ लोग कह रहे हैं कि अप्रैल में 12 तारीख को पंचक लग रहा है. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि पंचक 13 अप्रैल को लग रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं पंचक की सही तारीख. साथ ही जानते हैं कि इस दौरान कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए.

अप्रैल 2026 पंचक डेट:- अप्रैल में लगने वाला पंचक 13 तारीख को सोमवार से लग रहा है. 13 को सुबह 03 बजकर 44 मिनट से पंचक का आरंभ हो रहा है. पंचक का समापन 17 अप्रैल 2026 को दोपहर 12 बजकर 02 मिनट पर होगा. जब पंचक सोमवार से शुरू होता है, तो वो राज पंचक कहलाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राज पंचक को समृद्धि और वैभव देने वाला माना गया है.

पंचक के दौरान न करें ये गलतियांं

लकड़ी या ईंधन का संग्रह: पंचक के दौरान लकड़ी या ईंधन इकट्ठा करने की गलती न करें. इस दौरान ऐसा करना अशुभ माना जाता है. इससे अग्नि का भय रहता है.

दक्षिण दिशा की यात्रा: पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा करने की गलती भूलकर भी न करें. इस दौरान इस दिशा में यात्रा करना हानिकारक माना गया है. यात्रा में बाधाएं आ सकती हैं. हादसा होने का डर बना रहता है.

घर की छत डालना/निर्माण कार्य: पंचक के दौरान घर की छत डालना अशुभ माना गया है. इससे धन हानि और घर में क्लेश की स्थिति बन सकती है.

पलंग या चारपाई का निर्माण: पंचक के दौरान पलंग, चारपाई या किसी भी प्रकार की शय्या का निर्माण करने की गलती न करें. इससे परिवार के सदस्यों पर कोई बड़ा संकट आने की संभावना रहती है.

शव का अंतिम संस्कार: अंतिम संस्कार पंचक का सबसे महत्वपूर्ण और वर्जित कार्य है, लेकिन अगर पंचक में अंतिम संस्कार करना ही पड़े तो कुश के पांच पुतले बनाकर दाह संस्कार करना चाहिए.

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