महासमुंद :शहर में महिला बाल विकास विभाग की अव्यवस्था के चलते महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं ई केवाईसी के नाम से भटकने पर मजबूर है। विभाग इस अव्यवस्था को सुधारने के नाम से कुंभकर्णी निद्रा में लीन है उपरोक्त बाते महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय समन्वयक श्रीमती राशि त्रिभुवन महिलांग ने जारी विज्ञप्ति में कही। श्रीमती महिलांग ने कहा कि राज्य शासन ने प्रदेश में महिलाओं को आत्म निर्भर व सशक्त बनाने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना प्रारंभ की है। इस योजना की क्रियान्वयन एजेंसी महिला बाल विकास की अव्यवस्था के चलते यह योजना महतारी वंदन अब महतारी परेशान योजना बन कर रह गया है, जो निंदनीय है।उक्त योजना का क्रियान्वयन विभाग अपनी अव्यवस्थाओं को सुधार कर हितग्राही महिलाओं को सुविधा देने में रुचि नही दिखाई रहा है, जिससे यह बात सामने आई है कि क्या ई केवीआईसी के नाम पर सरकार का उक्त विभाग महिलाओं की संख्या में कटौती करना चाहता है? व पात्र महिलाओं को भी योजना के लाभ से वंचित रखने की मंशा पाले हुए है। श्रीमती महिलांग ने कहा कि महासमुंद जैसे तेजी से बढ़ते जनसंख्या वाले शहर मे योजना के पात्र हितग्राहियों को ई केवीआईसी प्रक्रिया के लिए चुनिदा जनसुविधा केंद्र (च्वाईस सेटर) को अधिकृत किया गया है जो आबादी के हिसाब से बेहद कम है। उक्त केंद्रों में प्रतिदिन हितग्राही महिलाएं भीषण गर्मी में इस प्रकिया को संपन्न कराने खड़ी रहती है। कभी सर्वर की समस्या तो कभी भी विभाग द्वारा हितग्राही महिलाओं को आवश्यक दस्तावेज सूची उपलब्ध ना कराने से मानसिक व शारारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। श्रीमती महिलांग ने योजना के संबंधित विभाग को चेतावनी देते हुए 10 दिनों में अव्यवस्था में अविलंब सुधार की मांग की है। सुधार ना होने की स्थिति पर महिला कांग्रेस को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।



