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हरदा समाधान शिविर में प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद,किसानों को ऋण पुस्तिका व अन्य हितग्राहियों को विभिन्न दस्तावेज सौंपे गए

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महासमुंद : प्रदेशभर में चलाए जा रहे सुशासन तिहार 2026 के तहत बुधवार को बसना विकासखंड के ग्राम हरदा में विशाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण, शासन की योजनाओं की जानकारी एवं हितग्राहियों को लाभ वितरण के माध्यम से प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद देखने को मिला। मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया रहीं। उनके साथ जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कुमारी भास्कर, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, एसडीएम हरिशंकर पैकरा, तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू सहित जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। महिला आयोग सदस्य श्रीमती कोसरिया ने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याएं, शिकायतें एवं मांगें सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर तय समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में समाधान शिविरों का उद्देश्य शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत करना तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टर ने निरीक्षण किया।

स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर आरसेटी के प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वहीं किसानों को ऋण पुस्तिका तथा अन्य हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित विभिन्न दस्तावेज सौंपे गए। शिविर में हरदा, बड़े साजापाली, बेलटिकरी, बुटीपाली, बनडबरी, उड़ेला, जमदरहा, पुरुषोत्तमपुर, कुरमाडीह, चिपरीकोना, लोहड़ीपुर, मुनगाडीह, सलखण्ड, बुन्देलाभांठा, ढालम एवं चनाट सहित 16 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि तथा जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता : कलेक्टर
कलेक्टर ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पेयजल, राजस्व, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित अन्य समस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करें।

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