Home देश-विदेश रेलवे भूमि पर अवैध कब्जे और नोटिस वसूली का खेल, 45 वर्षों...

रेलवे भूमि पर अवैध कब्जे और नोटिस वसूली का खेल, 45 वर्षों से बसे परिवारों और दुकानदारों पर कार्रवाई की तैयारी

0

अनूपपुर/कोतमा : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अनूपपुर-अंबिकापुर रेल मार्ग स्थित कोतमा रेलवे स्टेशन परिसर में रेलवे भूमि पर वर्षों से निवास और व्यवसाय कर रहे लोगों को रेलवे प्रशासन द्वारा पुनः नोटिस जारी किए जाने के बाद क्षेत्र में नाराजगी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि रेलवे अधिकारी बीते चार दशकों से केवल नोटिस देकर वसूली की प्रक्रिया अपनाते रहे, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशन परिसर और उससे लगे क्षेत्रों में लगभग 40 से 45 वर्षों से अनेक परिवार मकान बनाकर निवास कर रहे हैं तथा कई लोग दुकानें संचालित कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। हाल ही में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, मनेन्द्रगढ़ कार्यालय की ओर से कथित अतिक्रमण हटाने के संबंध में नोटिस जारी किया गया है, जिसमें सात दिवस के भीतर भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्धारित समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि रेलवे विभाग द्वारा समय-समय पर नोटिस जारी कर केवल औपचारिकता निभाई जाती रही है। लोगों का कहना है कि कई बार कब्जाधारियों से कथित रूप से अवैध वसूली भी की गई, लेकिन न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही भूमि का नियमितीकरण किया गया। नागरिकों ने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने रेलवे भूमि पर कब्जा कर उसे अन्य लोगों को बेच दिया तथा नए निर्माण भी कराए गए, जिसमें स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता।

मामला नगर के वार्ड क्रमांक 9 इस्लामगंज और टैक्सी स्टैंड से जुड़ी रेलवे भूमि का बताया जा रहा है, जहां दर्जनों की संख्या में दुकानें और मकान निर्मित हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि रेलवे प्रशासन वास्तव में कार्रवाई करना चाहता है तो पहले वर्षों से निवासरत गरीब परिवारों और छोटे व्यापारियों के पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लोगों ने मांग की है कि रेलवे विभाग लीज अथवा किराया प्रणाली लागू कर भूमि का वैध आवंटन करे, जिससे रेलवे को राजस्व प्राप्त हो और स्थानीय लोगों को भी राहत मिल सके। लोगो ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए रेलवे के उच्च अधिकारियों एवं जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here