
एमसीबी : जिले के केल्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बिछियाटोला में अवैध रेत उत्खनन का वीडियो बनाने पर एक युवक के साथ मारपीट, मोबाइल छीनने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है साथ ही थाना केल्हारी के कुछ पुलिसकर्मियों पर शिकायत दर्ज नहीं करने और सबूत मिटाने का गंभीर आरोप भी लगाया है।ग्राम बिछियाटोला निवासी 28 वर्षीय कमल नयन तिवारी ने पुलिस अधीक्षक को दिये आवेदन में लेख किया है कि 29 मई की शाम वह गांव के समीप नदी किनारे टहलने गया था। इसी दौरान उसने नदी में बड़े पैमाने पर रेत उत्खनन होते देखा।
आरोप है कि मौके पर पोकलेन मशीनों की मदद से ट्रैक्टर और हाईवा वाहनों में रेत भरी जा रही थी। कमल नयन तिवारी ने कथित तौर पर इस गतिविधि का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करना शुरू किया। पीड़ित के अनुसार वीडियो बनाते देख ग्राम पंचायत बिछियाटोला के उपसरपंच ऋषभ तिवारी, राकेश तिवारी, रिंकु तिवारी और ठेकेदार अभिषेक तिवारी उसके पास पहुंचे और उससे मारपीट करने लगे। आरोप है कि इन लोगों ने उसका मोबाइल छीन लिया तथा उसे घसीटते हुए पोकलेन मशीन की ओर ले जाकर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उसे जिंदा गाड़ देने तक की बात कही। इसी बीच गांव के एक अन्य व्यक्ति के मौके पर पहुंचने से वह उनके चंगुल से छूट सका।
कमल नयन तिवारी का आरोप है कि घटना के बाद वह शिकायत दर्ज कराने थाना केल्हारी पहुंचा लेकिन देर रात तक थाने में बैठाए रखने के बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अगले दिन फिर थाने पहुंचने पर भी कार्यवाही नहीं हुई। उसने आरोप लगाया है कि थाने के एक मुंशी ने उसका मोबाइल लेकर घटना से संबंधित फोटो और वीडियो डिलीट कर दिये और बाद में समझौता करने का दबाव बनाया। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि उसे रिपोर्ट की पावती तक नहीं दी गई और उसकी बातों को शिकायत में सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया। उसने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्यवाही और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। मामले में लगाये गये आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय को दिये गये आवेदन के आधार पर आगे की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



