भाजपा का उद्योगपतियों से गठजोड़ उजागर
बिना ग्रामसभा मंजूरी, बिना वन गणना के खींच दी निवेश क्षेत्र की बॉर्डर लाइन
महासमुंद: जिला पंचायत सदस्य सृष्टि अमर चंद्राकर ने कहा कि तुमगांव निवेश क्षेत्र विकास योजना 2041 की कलेक्ट्रेट में हुई बैठक सिर्फ एक दिखावा है। भाजपा सरकार 12 गांवों के 19,879 लोगों को विकास के नाम पर फिर से ठगने की तैयारी कर रही है। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े स्टील प्लांटों में से एक करनी कृपा उद्योग ग्राम पंचायत खैरझिटी में स्थित है। यह तुमगांव नगर पंचायत के सबसे करीब है, पर इसे निवेश क्षेत्र में नहीं लिया गया। इसी तरह बेलटुकरी- अछोली की बहुचर्चित शराब फैक्ट्री को भी प्लान से बाहर रखा गया है। सवाल ये है कि जहां पहले से प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग लगे हैं, उन्हें रेगुलेट करने की बजाय आखिर क्यों बाहर रखा गया?
श्रीमती सृष्टि ने कहा कि बिरकोनी एवं अछोली गांव में सबसे ज्यादा कृषि भूमि को गैर-कृषि में परिवर्तित किया जा रहा है। इन गांवों को जानबूझकर निवेश क्षेत्र में नहीं लिया गया है, ना उनके लिए कोई मास्टर प्लान बनाया गया है। इसका मतलब साफ है कि असल में जहां उद्योग लगने हैं या लग चुके हैं, उन पंचायतों को ही नगर निवेश के क्षेत्र में लाना चाहिए था। उन्होंने षडयंत्र पूर्वक जंगलों की कटाई का प्लान तैयार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तुमगांव पंचायत से लगा एकमात्र बड़ा जंगल सोरिद, चोरभट्टी, परसदा, कौंदकेरा, बानशिवनी गांव में है। यह क्षेत्र जंगलों से लगा हुआ है। इसे नगर निवेश में लेने का कोई औचित्य नहीं है।
इस बहाने इन क्षेत्रों के जंगल को काटने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा नगर निवेश के अधिकारियों ने गलत तरीके से सर्वे कर बिना मापदंड, बिना जातिगत गणना, बिना वन क्षेत्र की गणना और बिना ग्राम पंचायत की मंजूरी के एक बॉर्डर लाइन बना दी है। इससे गांव में रहने वाले लोग भविष्य में शहर जैसी सुविधा से वंचित तो हो जाएंगे, पर उनको टैक्स के नाम पर शहर जैसा पैसा देना पड़ेगा। गलत सर्वे के कारण इसका भी सिरपुर प्राधिकरण जैसा हश्र हो सकता है। इसका स्पष्ट उदाहरण 2016 में गठित सिरपुर प्राधिकरण है। आज सिरपुर प्राधिकरण में बहुत से ऐसे गांव हैं जिनको भूमि परिवर्तन करने के लिए प्राधिकरण की अनुमति की जरूरत पड़ रही है, पर 2016 से 2026 तक क्षेत्र के विकास के लिए एक ईंट भी नहीं रखी गई। सिरपुर के नाम पर सिर्फ लोगों को तकलीफ और दस्तावेजी कार्रवाई का बोझ बढ़ा है। वही हाल नगर निवेश क्षेत्र में आने वाले गांवों का होगा।
श्रीमती सृष्टि ने मांग करते हुए कहा कि हर ग्राम पंचायत में ग्रामसभा बुलाकर प्लान को जनता के सामने रखा जाए और लिखित सहमति ली जाए। तुमगांव क्षेत्र के सभी उद्योगों का पर्यावरण ऑडिट तुरंत कराया जाए और दोषी इकाइयों को बंद किया जाए। निवेश क्षेत्र में लगने वाले हर नए उद्योग में 80% नौकरी स्थानीय युवाओं के लिए आरक्षित करने का कानून बनाया जाए। किसानों की एक इंच जमीन भी जबरन न ली जाए। मुआवजा 4 गुना बाजार दर तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की गारंटी हो। सृष्टि ने कहा कि भाजपा सरकार ने महासमुंद को “प्रदूषण जोन” बना दिया है। तुमगांव की जनता अब और धोखा बर्दाश्त नहीं करेगी। अगर सरकार ने गरीब, किसान, युवा विरोधी प्लान थोपने की कोशिश की तो क्षेत्रवासियों के साथ उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।



