जलभराव की समस्या से लोग परेशान, अब तक नहीं हुआ स्थायी समाधान।
राधेश्याम सोनवानी,गरियाबंद :- मानसून की पहली ही बारिश ने नगर पालिका प्रशासन की तैयारियों और व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। बीते दिनों हुई कुछ घंटों की बारिश के बाद ही शहर के मुख्य और जिला अस्पताल जाने वाली सड़कें जलमग्न हो गईं। जगह-जगह पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि जिला अस्पताल इलाज कराने आने वाले मरीज और उनके परिजनों को घुटने तक पानी को पार कर आना पड़ रहा है। कई सालों से यह समस्या बनी हुई है, जो अब तक दूर नहीं हो पाई है, जिससे कि लोगों में रोष व्याप्त है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव की यह समस्या कोई नई नहीं है। वर्षों से बारिश के दौरान यही स्थिति निर्मित होती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा सका है। हर वर्ष बारिश के मौसम में नगर की मुख्य सड़क तालाब बन जाती हैं और राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार शिकायतें और मांग किए जाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। आरोप है कि नालियों की नियमित सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। इससे आसपास के दुकानदारों और नगरवासियों को भी नुकसान उठाना पड़ता है। जलभराव के कारण राहगीरों और नगरवासियों को भारी कठिनाई होती है। लोगों ने पालिका प्रशासन से मांग की है कि जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करते हुए समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि हर साल बारिश के दौरान लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। पहली ही बारिश में सामने आई यह स्थिति नगर पालिका की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही है।
–काम जारी, लेकिन राहत दूर, इस मानसून भी जलभराव से जूझेगा गरियाबंद–
हालांकि गरियाबंद में इन दिनों सड़क चौड़ीकरण और इसके दोनों ओर नालियां बनाई जा रही है, इसके बाद ही यह उम्मीद जताई जा रही है कि बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या खत्म हो जाएगी। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बारिश सीजन में सड़क चौडीकरण और नाली निर्माण के काम पूरे हो पाएंगे, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन फिलहाल जो जलभराव से राहगीरों और नगरवासियों को होने वाली समस्या से दो–चार होना पड़ेगा।



