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ई चालान से हेलमेट न लगाने वाले पस्त, सिंग्नल जम्प और तीन सवारी वाले मस्त !

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महासमुंद :महासमुंद में एक ओर हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया वाहन चालक पुलिस की ई चालानी कार्रवाई से पस्त हैं तो वहीं दूसरी ओर सिग्नल जम्प करने तथा दोपहिया वाहनों में तीन सवारी बैठकर बेधड़क चलने वाले चालक मस्त है। ये हम नहीं पुलिस की चालानी कार्रवाई के आंकड़े बता रहें हैं।पुलिस के यातायात शाखा से मिले आंकड़ों के अनुसार शहर में हेलमेट नहीं पहनने वालो पर ई चालान की कार्रवाई 8 मार्च 2026 से शुरु हुई है जिसमें 24 जून 2026 तक हेलमेट नहीं पहनने वाले कुल 12846 दोपहिया वाहन चालकों पर कार्रवाई करते हुए ई चालान भेजा गया है। इसमें से करीब 45 फीसदी लोगो ने चालान जमा किया है।

पुलिस द्वारा शहर में बिना हेलमेट के चलने वाले दोपहिया वाहन चालको पर की जा रही ई चालान की कार्रवाई से दोपहिया वाहन चालक पस्त है। पर चौक चौराहों पर लगे सिग्नल को जम्प और शहर के भीतर पुलिस के सामने शान दोपहिया वाहनों में बेधड़क तीन सवारी चलने वाले चालक मस्त है।पुलिस ने बिना हेलमेट के चलने वाले साढ़े 12 हजार से अधिक दोपहिया वाहन चालको पर ई चालान की कार्रवाई कर जरूर अपनी पीठ थपथपा रही हो पर सिग्नल जम्प और तीन सवारी चलने वाले दोपहिया चालकों पर कार्रवाई न कर अपनी नाकामी का सबूत भी दे रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि सिंग्नल जम्प करने वालो को समझाइश और तीन सवारी चलने वालों पर मैनुअली कार्रवाई की जा रही है।

40 फीसदी लोगो ने ही पटाया चालान
यातायात पुलिस की माने तो पिछले तीन माह के भीतर जिन 12 हजार दोपहिया चालको को ई चालान भेजा गया है उसमें से मुश्किल से 40-45 फीसदी दोपहिया चालकों ने ही चालान जमा किया है। शेष वाहन चालको ने चालान जमा नहीं किया है।

हेलमेट से हादसों में मौत में आएगी कमी
पुलिस का मानना है कि अगर दोपहिया चालक वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग करेंगे तो सड़क हादसों में होने वाली मौतों की संख्या में कमी आएगी। अब सवाल यह है कि क्या सिग्नल जम्प, और दोपहिया वाहनों में एक साथ तीन सवारी चलने वाले सड़क हादसे का शिकार होते है तो उसकी वजह से भी दोपहिया सवार या चालक की मौतों को कैसे रोक सकती है।

गौरव पथ में कैमरे का आभाव
पुलिस ने बिना हेलमेट के चलने वाले दोपहिया चालकों के शहर के भीतर सख्त है। पर जहाँ सर्वाधिक लोगों का आना जाना होता जिला प्रशासन कार्यालय परिसर, प्रवेश द्वार औऱ गौरव पथ में कैमरे ही नहीं लगाया है जिसके चलते लिए इस मार्ग में आने-जाने वाले लोग हेलमेट का उपयोग नहीं कर रहें हैं।

शहर में हेलमेट की अनिवार्यता पर छूट की हो चुकी है मांग
पुलिस द्वारा शहर में हेलमेट उपयोगिता की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग कार्रवाई शुरू होने के साथ ही हो गई। राजनीतिक दलों और व्यापारी संघ ने पुलिस प्रशासन के अफसरो से मुलाकत कर शहर के भीतर दोपहिया चलाते समय हेलमेट की अनिवार्यता में छूट की मांग कर चुके है। राजनीतिक दलों और व्यापारी संघ की मांग को पुलिस प्रशासन ने न पूरा किया और न ही राहत दी है, जिससे आज हर कोई परेशान है।

फिलहाल हेलमेट पर फोकस : पुलिस
अमनपथ जिला प्रमुख ने यातायात एसडीओपी घनेन्द्र ध्रुव से हेलमेट पर की जा रही ई चालान की कार्रवाई पर चर्चा की। श्री ध्रुव ने बताया कि फिलहाल हेलमेट पर हमारा फोकस है समय के साथ ही तीन सवारी और सिग्नल जम्प करने वाले दोपहिया चालकों पर भी ई चालान की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए शहर के भीतर लगाए गए एआई कैमरो में इसका सॉफ्टवेयर भी अपलोड किया जाएगा। हालांकि इसके लिए काफी अधिक खर्च होगा जो फिलहाल सम्भव नहीं है। शहर में 32 स्थानों पर लगाए गए कैमरों से शहर में बिना हेलमेट के चलने वाले दोपहिया वाहन चालको पर ई चालान की कार्रवाई की जा रही है।

नागरिकों को परेशान कर रही पुलिस: पंकज
समाजसेवी पंकज साहू का कहना है कि शहर में हेलमेट की अनिवार्यता अव्यवहारिक है। 3 किमी के दायरे में शहर सिमटा हुआ जिसमें बाजार, स्कूल बस स्टैंड हॉस्पिटल प्रशासनिक कार्यालय और पब्लिक सेक्टर है। जहां जाने के लिए शहर के नागरिकों को हमेशा हेलमेट लगाकर चल पाना संभव नहीं है। पुलिस की इस तरह की कार्रवाई नागरिकों को आर्थिक रूप से परेशान कर रही है। इस मामले में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौन है।

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