एग्रीस्टैक कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश, एल-01 स्तर के सभी प्रकरणों का निराकरण जिला अधिकारी सुनिश्चित करें : कलेक्टर
एमसीबी : कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा (टीएल) की बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, जनशिकायतों, न्यायालयीन प्रकरणों तथा विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंकिता सोम, अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार सिदार, जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन, सुशासन तिहार, हाईकोर्ट के लंबित प्रकरण तथा एल-01 स्तर के सभी मामलों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि एल-01 स्तर के प्रकरणों के निराकरण की जवाबदेही संबंधित जिला अधिकारियों की होगी तथा शिकायतों का समाधान केवल औपचारिकता न होकर शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत देने वाला होना चाहिए।
संभावित सूखे से निपटने के लिए अभी से तैयार हो कार्ययोजना
संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने सभी विभागों को समन्वित कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। जल संसाधन विभाग को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में तालाब, नहर, एनीकट एवं स्टॉप डेम का सर्वे कर 20 प्रमुख जलाशयों की वर्तमान स्थिति का आकलन करते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा। जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए पुराने हैंडपंपों के समीप रिचार्ज संरचनाएं विकसित करने तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
एग्रीस्टैक, पीएम किसान और केसीसी कार्य में तेजी लाने के निर्देश
कृषि विभाग को प्रत्येक ग्राम पंचायत का सर्वे कर किसानों को रागी, उड़द, अरहर एवं तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने तथा जिले को प्राप्त 132 हेक्टेयर दलहन-तिलहन विस्तार लक्ष्य के अनुरूप कार्ययोजना बनाकर शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एग्रीस्टैक का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के लक्ष्य हासिल करने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) तथा नए केसीसी पंजीयन में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया।
खाद्य विभाग, पीडीएस और ई-केवाईसी की हुई समीक्षा
खाद्य विभाग को पीओएस डिवाइस का वितरण शीघ्र पूर्ण करने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने, सभी हितग्राहियों का ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग पूर्ण कराने तथा राशन कार्डों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही छह पहुंचविहीन उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न भंडारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
हाईकोर्ट एवं सुशासन तिहार के लंबित प्रकरणों पर सख्ती
बैठक में हाई कोर्ट के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य, जनपद पंचायतों, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, नगर निगम चिरमिरी तथा आदिवासी विकास विभाग के लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए। सभी विभागों को सीसीएमएच पोर्टल की नियमित समीक्षा करने को भी कहा गया। सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त मांग एवं शिकायत संबंधी आवेदनों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने क्रेडा, विद्युत विभाग, नगर पंचायत नई लेदरी, झगराखांड एवं मनेंद्रगढ़, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीएम हेल्पलाइन और आयुष्मान योजनाओं की समीक्षा
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन एवं सुशासन तिहार का कोई भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए तथा सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण कर समय पर पोर्टल पर दर्ज किया जाए। स्टेट हेल्थ अथॉरिटी की समीक्षा में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मरीजों के प्री-ऑथराइजेशन, क्लेम प्रक्रिया एवं समयबद्ध भुगतान पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। बैठक में आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
शिक्षा, श्रम और आदिवासी विकास विभाग को दिए महत्वपूर्ण निर्देश
आदिवासी विकास विभाग को आश्रम एवं छात्रावासों की नियमित मॉनिटरिंग तथा पोड़ीडीह में एकलव्य विद्यालय हेतु जिला स्तरीय काउंसलिंग आयोजित करने के निर्देश दिए गए। स्कूल शिक्षा विभाग से विद्यार्थियों की उपस्थिति, पुस्तक वितरण, मध्यान्ह भोजन एवं यूनिफॉर्म वितरण की समीक्षा की गई। श्रम विभाग को श्रम कार्ड एवं विभिन्न योजनाओं के अद्यतन आंकड़े प्रस्तुत करने तथा संगठित एवं असंगठित श्रमिकों का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बाढ़ आपदा प्रबंधन एवं स्वच्छता व्यवस्था को लेकर दिए निर्देश
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने कलेक्टर कार्यालय में बाढ़ आपदा के लिए टोल-फ्री नंबर जारी करने तथा तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों के संवेदनशील एवं प्रभावित ग्रामों की सूची तैयार रखने के निर्देश दिए। नगरीय निकायों को नालों की नियमित सफाई, स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता तथा सभी विभागों को विधानसभा प्रश्नों का तथ्यात्मक एवं समयबद्ध उत्तर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।बैठक के अंत में कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग अपनी वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर विकास कार्यों में तेजी लाएं तथा समय-सीमा की बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।



