पहली पत्नी से तलाक लिए बिना दूसरी शादी और समाज से तथ्य छिपाकर पद हासिल करने के आरोप; संगठन में जवाबदेही की मांग तेज, तत्कालीन जिला अध्यक्ष की भूमिका पर भी उठे सवाल
बिलासपुर: साहू समाज में संगठनात्मक अनुशासन और सामाजिक मर्यादा को लेकर एक बड़ा निर्णय सामने आया है। समाज के पदाधिकारियों द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, पप्पू साहू पर पहली पत्नी से विधिवत तलाक लिए बिना दूसरी शादी करने तथा इस तथ्य को समाज से छिपाकर पहले महामंत्री और बाद में जिला अध्यक्ष का पद प्राप्त करने के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को गंभीर मानते हुए समाज ने उन्हें मुख्यधारा से पृथक करने की कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार, इस मामले को लेकर समाज के भीतर लंबे समय से असंतोष व्याप्त था। कार्रवाई के बाद अब समाज के कुछ सदस्यों ने तत्कालीन जिला अध्यक्ष तिलक साहू की भूमिका की भी निष्पक्ष समीक्षा की मांग उठाई है। उनका आरोप है कि पप्पू साहू को संरक्षण मिलने के कारण वे लंबे समय तक संगठन में पद पर बने रहे और मनमानी करते रहे।
समाज के सदस्यों का कहना है कि संगठन की गरिमा, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध भी आवश्यक निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो।



