एमसीबी/ राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और पशु संरक्षण के लिए जिला प्रशासन ने एक विशेष मुहिम शुरू की है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (M.C.B.) कलेक्टर के निर्देशानुसार पशुधन विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-43) पर घूमने वाले निराश्रित पशुओं के गले में रेडियम बेल्ट लगाए जा रहे हैं।
4 टीमें कर रही हैं लगातार काम
सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए जिला स्तर पर 4 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो 28 जुलाई से नगरीय निकायों के साथ मिलकर इस अभियान को चला रही हैं। इसके तहत NH-43 के प्रमुख संवेदनशील स्थलों जैसे पीडब्ल्यूडी तिराहा, एलआईसी कार्यालय, खेड़िया टॉकीज, सिद्धबाबा मंदिर घाट और घुटरीटोला बैरियर के पास घूमने वाले छोटे-बड़े पशुओं को चिन्हित कर रेडियम बेल्ट पहनाई जा रही है।
अब तक 150 से अधिक पशुओं को सुरक्षा कवच
अभियान के तहत अब तक अलग-अलग क्षेत्रों में मुस्तैदी से काम किया गया है, जिसके आंकड़े इस प्रकार हैं:
खोंगापानी दल: 50 रेडियम बेल्ट
मनेन्द्रगढ़ दल: 47 रेडियम बेल्ट
नागपुर दल: 43 रेडियम बेल्ट
कठौतिया-बेलबहरा दल: 15 रेडियम बेल्ट
यह अभियान रोजाना निरंतर चलाया जा रहा है ताकि कोई भी आवारा पशु बिना बेल्ट के न छूटे।
रात के अंधेरे में मददगार साबित होगा रेडियम
पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रात के समय होने वाले हादसों को टालना है। अंधेरे में वाहनों की हेडलाइट पड़ते ही ये रेडियम बेल्ट दूर से चमकेंगे, जिससे ड्राइवरों को समय रहते मवेशियों की मौजूदगी का पता चल जाएगा। इससे न केवल इंसानी जिंदगियां बचेंगी, बल्कि बेजुबान पशु भी सुरक्षित रहेंगे।
प्रशासन की अपील: सड़कों पर खुला न छोड़ें मवेशी
पशुधन विकास विभाग ने आम नागरिकों और पशुपालकों से सख्त अपील की है कि वे अपने मवेशियों को हाईवे या व्यस्त सड़कों पर आवारा न छोड़ें और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखें। इसके साथ ही वाहन चालकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे विशेषकर रात के समय तय गति सीमा का पालन करें और पूरी सतर्कता के साथ गाड़ी चलाएं।



