दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर के कई राज्यों में इन दिनों मॉनसून ‘सूपर एक्टिव’ है. उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पूर्वोत्तर और मध्य भारत तक बरसात देखने को मिल रही है. इस बरसात ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है. तटीय इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. अब अगले 3 से 4 दिनों तक देश में मॉनसून और अधिक विकराल रूप धारण कर सकता है. वहीं भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आज देश के कई हिस्सों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया है. बिजली गिरने और तेज आंधी-तूफान को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है.
दिल्ली-एनसीआर में बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम विभाग ने आज भी राज्य में बारिश का अलर्ट जारी किया है. आईएमडी के अनुसार, आज राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. सुबह से शाम तक हल्की से मध्यम बरसात जारी रह सकती है और इसलिए मौसम विभाग ने राज्य में येलो अलर्ट जारी किया है. राज्य में 16 अगस्त तक लोगों को बारिश से राहत नहीं मिलने वाली है. आज दिल्ली में अधिकतम 34 और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.
यूपी से लेकर बिहार तक मूसलाधार बारिश:- यूपी के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में भी आज गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का सिलसला जारी रह सकता है. बुंदेलखंड और दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में मॉनसून का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है. आगरा, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग की ओर से जताई गई है. बिहार में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है. यहां तराई वाले जिलों में कोसी और गंडक जैसी नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा है.
पूर्वोत्तर भारत में आफत बन बरस रही बारिश:-पूर्वोत्तर के असम, मिजोरम, त्रिपुरा और नागालैंड में लगातार मूसलाधार बरसात जारी है. असम में ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर बढ़ा है और इस कारण कई गांव जलमग्न हो चुके हैं. मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश की वजह से भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं.
पहाड़ी इलाकों के मौसम का हाल:- उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी और देहरादून में बादल फटने और मूसलाधार बारिश की संभवना मौसम विभाग ने जताई है. यही नहीं इसको देखते हुए अलर्ट भी जारी किया गया है. हिमाचल प्रदेश में शिमला, कुल्लू और मनाली में लैंडस्लाइड के कारण कई सड़कें बंद हैं.



