सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उन बैंक खातों को लेकर दखल देने से इनकार कर दिया है, जिन्हें ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत फ्रीज किया था। जस्टिस एमएम सुंदरेश और पीबी वराले की बेंच ने TMC की याचिका पर सुनवाई की। TMC ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें पार्टी के 3 HDFC बैंक खातों को अपनी मर्जी से चलाने की इजाजत नहीं दी गई थी।
हालांकि, हाई कोर्ट ने पहले ही इन खातों से रोजमर्रा के जरूरी खर्च चलाने की अनुमति दी थी। इसके लिए कोर्ट ने एक स्पेशल ऑफिसर नियुक्त किया था, जिसकी निगरानी में खाते से खर्च किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को संतुलित बताया।
तीन बैंक खातों में 440 करोड़ होने का दावा
शीर्ष अदालत ने साफ कहा कि मामले से जुड़े सभी मुद्दे हाई कोर्ट में चल रही मुख्य याचिका में उठाए जा सकते हैं। जस्टिस सुंदरेश ने कहा कि हाई कोर्ट के 9 जुलाई के आदेश से पार्टी के दैनिक कामकाज पूरी तरह बंद नहीं होंगे। ED ने TMC के 3 HDFC बैंक खातों में करीब 440 करोड़ रुपये होने का दावा किया है। ED के मुताबिक, यह कार्रवाई कुछ फंड ट्रांसफर की जांच से जुड़ी है।
जांच में आरोप है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच Carewell Aviation India और उससे जुड़ी एक कंपनी को पैसे ट्रांसफर किए गए। ये लेन-देन कथित तौर पर एक विमान और हेलिकॉप्टर खरीदने से जुड़े हैं। ED ने 7 जुलाई को कार्रवाई करते हुए TMC से जुड़े इन खातों समेत कुल 6 बैंक खातों को फ्रीज किया था।
जांच के बाद 7 जुलाई को बैंक खाते किए गए फ्रीज
18 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के विधायक बिस्वनाथ दास ने बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दी थी। आरोप था कि गलत तरीके से कमाए गए पैसे और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के जरिए तीन HDFC खातों में रकम पहुंचाई गई। इस मामले में FIR दर्ज हुई। इसके बाद 23 जून को ED ने ECIR दर्ज की।
ED की जांच और तलाशी के बाद 7 जुलाई को बैंक खाते फ्रीज किए गए। TMC ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा था कि खाते फ्रीज करने का फैसला मनमाना और बिना पर्याप्त आधार के लिया गया है। हालांकि, कलकत्ता हाई कोर्ट ने फिलहाल खातों को पूरी तरह चलाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।



