Home छत्तीसगढ़ 12 हजार किसान नहीं पहुंचे धान बेचने, पिछले साल से कम हुई...

12 हजार किसान नहीं पहुंचे धान बेचने, पिछले साल से कम हुई खरीदी

0

रायगढ़ :  साल दर साल धान खरीदी कम होती जा रही है। इस बार तो रिकॉर्ड कायम हो गया। रकबा और किसान संख्या बढऩे के बावजूद एक लाख हेक्टेयर रकबे पर भी धान नहीं बेच सके हैं। करीब 12 हजार किसान तो उपार्जन केंद्र ही नहीं पहुंचे। इस बार 73295 किसानों ने करीब 98053 हे. रकबे पर धान बेचा है। वर्ष 24-25 में 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से एक एकड़ में 21 क्विं. धान खरीदने का वादा किया गया था। ऐसा लगा था कि धान की बंपर आवक होगी। पिछले कई सालों का रिकॉर्ड टूट जाएगा, लेकिन इस बार पिछले साल से भी कम खरीदी हुई। इस साल 85241 किसानों ने 1,27,036 हे. रकबे का पंजीयन करवाया था।

धान खरीदी के आंकड़े देखने पर कई तरह के सवाल उठते हैं। इस बार 1,27,036 हे. रकबे का पंजीयन हुआ था। इसमें से केवल 98053 हे. पर ही धान विक्रय हुआ। 28983 हे. पर धान बेचा ही नहीं गया। सवाल यह है कि पंजीयन के बावजूद धान क्यों नहीं बेचा गया। इस बार रायगढ़ जिले में धान विक्रय का रकबा एक लाख हे. से भी कम हो गया। तो क्या धान का उत्पादन घट गया या फिर बोगस पंजीयन हुआ था।

अन्तिम दो दिनों में दो लाख क्विंटल
तीन दिन तक धान खरीदी बंद रखने के बाद अंतिम दो दिन धान के लिए टोकन काटे गए। 2.99 लाख क्विंटल धान के टोकन जारी किए गए थे। 2,02,976 क्विं. धान बेचा गया। एक लाख क्विंटल धान बेचने किसान ही नहीं पहुंचे। कई किसानों का रकबा समर्पण करा दिया गया क्योंकि उनके पास धान ही नहीं था। बोगस खरीदी और एंट्री के कारण समितियों में घपला हुआ है। भौतिक सत्यापन के नाम पर अवैध उगाही के दर्जनों मामले सामने आए हैं, जिसमें कार्रवाई अब कलेक्टर पर निर्भर है।

धान उपार्जन वर्ष 2022-23 2023-24 2024-25
पंजीकृत किसान 76813 83056 83241
धान बेचने वाले 69346 73377 73295
पंजी. रकबा 1.21 लाख हे. 1.27 लाख हे. 1.27 लाख हे.
विक्रय रकबा 1.11 लाख हे. 1.03 लाख हे. 98053 हे.
शेष बचे किसान 7467 10679 9946
शेष रिक्त रकबा 7711 हे. 24000 हे. 28983 हे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here