
जम्मू-कश्मीर में पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार पाकिस्तानी नागरिकों को देश से बाहर निकाल रही है। पाकिस्तानी नागरिकों पर हो रही इस सख्ती के बीच कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनका परिवार सुर्खियों में आ चुका है।
इसकी वजह है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सांसद गोगाई के बच्चों को लेकर बड़ा दावा करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने कहा कि गौरव गोगाई के बच्चे भारतीय नागरिक नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनके पास इस बात के सबूत भी हैं।
दरअसल, ये बात असम सीएम ने एनआई को दिए इंटरव्यू में कहीं। उन्होंने कहा “मेरे पास सबूत है कि गौरव गोगोई के बच्चे भारतीय नागरिक नहीं हैं। हम इसकी जांच करवा रहे हैं और ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने वहां पाकिस्तान में 15 दिनों तक क्या किया?
आखिर उन्होंने वहां 15 दिनों तक क्या किया?
असम सीएम ने कहा “पाकिस्तान कोई पर्यटक स्थल तो नहीं है, बल्कि पाकिस्तान तो केवल आतंकियों का अड्डा है। मुझे 100 प्रतिशत ये बात कन्फर्म है कि वह वहां गए थे, लेकिन मैं पूछता हूं कि आखिर उन्होंने 15 दिनों में वहां (पाकिस्तान) में क्या किया? रॉबर्ट वाड्रा और गौरव गोगोई को भारत से ज्यादा पाकिस्तान की चिंता है।”
“गोगोई की पत्नी और बच्चों को लेकर पूछा सवाल
बता दें इससे पहले असम सीएम ने एक दिन पहले अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की थी। जिसमें उन्होंने दावा किया था कि असम के एक सांसद के नाबालिग बच्चे अब भारत के नागरिक नहीं हैं और सरमा ने गौरव गोगोई का नाम लिए बिना कांग्रेस पार्टी के माननीय सांसद लिखते हुए प्रश्न किया था कि आप 15 दिनों की पाकिस्तान यात्रा पर गए थे? अगर हां तो उद्देश्य बताएं।
इसके अलावा उन्होंने गौरव गोगोई की पत्नी को लेकर भी सवाल पूछा था कि भारत में रहते हुए आपकी पत्नी क्या पाकिस्तान के एक एनजीओ से सैलरी लेती हैं। आपकी पत्नी और दो बच्चों की नागरिकता कहां की है?
क्या सच्चा है असम सीएम का दावा?
मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने कहा कि गौरव गोगोई के बच्चे भारतीय नागरिक नहीं हैं, लेकिन इस दावे का कोई आधिकारिक दस्तावेज़ या प्रमाण सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किया गया। इतना ही नहीं अभी तक कोई स्पष्ट प्रमाण या यात्रा दस्तावेज़ सामने नहीं आया जो ये पुष्टि करे कि गोगोई या उनके परिवार ने पाकिस्तान की यात्रा की थी और वहां 15 दिन बिताए। जब तक आधिकारिक दस्तावेज़, पासपोर्ट डिटेल्स या कानूनी साक्ष्य सामने नहीं आते, तब तक इस मुद्दे को पूरी तरह से सत्य या असत्य कहना मुश्किल है।
गौरव गोगोई ने क्या दिया है जवाब?
गौरव गोगोई या उनकी पार्टी कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई विस्तृत जवाब या सफाई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
कौन हैं गौरव गोगोई?
गौरव गोगोई कांग्रेस पार्टी के तेज-तर्रार नेता और असम के जोरहाट निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद हैं। असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के पुत्र गौरव गोगोई ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार टोपोन कुमार गोगोई को एक लाख से भी वोटों के अंतर से हराया था।
गौरव गोगोई की पत्नी और बच्चे कौन हैं?
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिज़ाबेथ कोलबॉर्न हैं, जो ब्रिटेन से हैं, और उनके दो बच्चे एक बेटी और एक बेटा है।
कितने पढ़े लिखे हैं गौरव गोगोई?
- गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बी.टेक
- न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टरर्स
राजनीतिक करियर
- 2014 में कांग्रेस पार्टी से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की, और कालियाबोर संसदीय क्षेत्र से पहली बार लोकसभा में पहुंचे।
- 2019 में उन्होंने पुनः इसी सीट से जीत दर्ज की।
- 2024 में परिसीमन के चलते उन्होंने जोरहाट से चुनाव लड़ा और भाजपा उम्मीदवार टोपोन कुमार गोगोई को 1,44,393 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया।
- वर्तमान में वे लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता की भूमिका निभा रहे हैं!
गौरव गोगोई की ये पहल उठाए ये मुद्दें
- गौरव गोगोई ने सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए कई पहल की हैं।
- गौरव गोगोई ने असम में, बिहार और राजस्थान की तर्ज पर जाति आधारित जनगणना कराने की वकालत की, ताकि वंचित समुदायों को समुचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
- गौरव गोगोई ने 1961 के भाषा आंदोलन में शहीद हुए लोगों की स्मृति में सिलचर रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग की।
- गोगोई ने असम में PM-KISAN योजना के तहत सब्सिडी वितरण में अनियमितताओं पर सवाल उठाए।



