भीषण गर्मी और बढ़ती हीटवेव की मार को देखते हुए National Human Rights Commission ने देश के 21 राज्यों और दिल्ली को अलर्ट करते हुए पहले से तैयारी करने को कहा है. आयोग ने साफ किया है कि हर साल बढ़ती गर्मी अब सिर्फ मौसम की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह सीधे तौर पर लोगों के जीवन और आजीविका पर खतरा बन रही है.NHRC ने अपनी चिट्ठी में राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि हीटवेव से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले तबकों- जैसे गरीब और मजदूर वर्ग, खुले में काम करने वाले श्रमिक, बुजुर्ग, बच्चे, नवजात और खासकर बेघर लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस और जल्दी कदम उठाए जाएं. आयोग का कहना है कि इन वर्गों के पास न तो पर्याप्त आश्रय होता है और न ही जरूरी संसाधन, जिससे गर्मी का असर और घातक हो जाता है.
दिशा-निर्देशों के अनुसार राहत उपायों को लागू करें राज्य:-इसी के मद्देनजर NHRC ने राज्यों से कहा है कि वे अपने-अपने स्तर पर पहले से तय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) या National Disaster Management Authority (NDMA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार राहत उपायों को लागू करें. इसमें पानी की उपलब्धता, शेल्टर होम, हेल्थ सुविधाएं और जागरूकता अभियान जैसे कदम शामिल हैं, ताकि हीटवेव के असर को कम किया जा सके और जान-माल का नुकसान रोका जा सके.
दिल्ली को मिल सकती है गर्मी से राहत:- दिल्ली समेत उत्तर भारत के अलग-अलग राज्य इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में हैं, लेकिन अब मौसम बदलने वाला है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक दिल्ली में अगले 48 घंटों में लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है, 28 अप्रैल को बारिश का अनुमान है. वहीं, 29 अप्रैल को दिल्ली में येलो अलर्ट जारी किया गया है. मंगलवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.



