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सेंधा नमक, पेशावरी चप्पल और लाहौरी कुर्ते; पाकिस्तान से क्या-क्या सामान आता है भारत?

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3 मई 2025:- पहलगाम हमले के बाद भारत पाकिस्तान पर एक के बाद एक स्ट्राइक कर रहा है. हाल ही में भारत ने पाकिस्तान पर एक और स्ट्राइक करते हुए पाक के साथ सभी तरह के आयात पर बैन लगा दिया है. इस रोक के तहत अब पाकिस्तान से आने वाले किसी भी उत्पाद चाहे वह सीधे आयात हो या किसी तीसरे देश के जरिए इन सभी आयातों पर पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. ऐसे में आइए जानते हैं पाकिस्तान से भारत क्या क्या सामान आता था? पाकिस्तानी कुर्तियां, पेशावरी चप्पलें और सेंधा नमक पाकिस्तान से बड़ी मात्रा में भारत आते थे. इनके अलावा कई सामान पाक भारत भेजता था लेकिन अब भारत सरकार के कड़े फैसले के बाद पाकिस्तानी जहाज भारत के पोर्ट पर नहीं रुकेंगे.

सेंधा नमक (हिमालयन रॉक सॉल्ट):- भारत में व्रत और आयुर्वेदिक उपयोग के लिए इस्तेमाल होने वाला सेंधा नमक असल में पाकिस्तान के खेवड़ा की खदानों से आता है. इसे हिमालयन रॉक सॉल्ट भी कहा जाता है और यह सबसे प्रमुख पाकिस्तानी उत्पादों में से एक था, जो भारत में काफी मात्रा में आयात किया जाता था.

ड्राई फ्रूट्स (सूखे मेवे):- पाकिस्तान के बलूचिस्तान और पेशावर क्षेत्रों से सूखे मेवे जैसे बादाम, अखरोट, किशमिश और अंजीर भारत में भेजे जाते थे. खासतौर पर त्योहारों और सर्दियों के मौसम में इनकी मांग बढ़ जाती थी.

पेशावरी चप्पल:- पेशावरी चप्पल, जो अपनी मजबूती और पारंपरिक डिजाइन के लिए प्रसिद्ध है, उत्तर भारत के कई राज्यों में खासतौर पर पसंद की जाती थी. यह खास तौर पर पुरुषों के पारंपरिक पहनावे का हिस्सा बन चुकी थी.

लाहौरी कुर्ते और कपड़े:- लाहौर की मशहूर कढ़ाई और डिजाइन वाले कुर्ते, सलवार-सूट और अन्य परिधान भारत में लोकप्रिय होते जा रहे थे. कई फैशन ब्रांड इन कुर्तों को एक्सक्लूसिव डिजाइन के रूप में प्रचारित करते थे.

कपास- भारत-पाकिस्तान से कपास, कार्बनिक केमिकल्स, कन्फेक्शनरी प्रोडक्ट और चश्मों में इस्तेमाल होने वाले ऑप्टिकल्स भी इंपोर्ट करता है. इसके अलावा भारत पाकिस्तान से स्टील और सीमेंट भी आयात करता है. भारत सरकार के इस फैसले के बाद अब इन तमाम उत्पादों का आयात पूरी तरह से रुक गया है. इससे न सिर्फ पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा, बल्कि भारतीय बाजार में कुछ खास किस्म के उत्पादों की उपलब्धता भी प्रभावित हो सकती है. हालांकि, भारत पहले ही आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए इनकी आपूर्ति के विकल्प जल्द ही बाजार में सामने आ सकते हैं.

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