
देशभर में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। खासकर, दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत में कल तक मौसमी गतिविधियां देखने को मिलेंगी। मौसम विभाग के मुताबिक, मई के शुरुआती दिनों में तापमान में थोड़ी कमी रहेगी। भीषण गर्मी के बीच बादल मेहरबानी दिखाएंगे। आईएमडी के मुताबिक, यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान में अगले 2 से 3 दिन तक बादलों की आवाजाही के साथ आंधी और बारिश के संकेत हैं, जिससे बढ़ते तापमान पर ब्रेक लगेगा। उधर बिहार में 7 मई तक मौसमी गतिविधियां देखने को मिलेंगी। इस दौरान गरज चमक के साथ बारिश और तेज आंधी की संभावना है। हो सकता है कहीं-कहीं आकाशीय बिजली के साथ ओलावृष्टि भी हो। कमोबेश यही हालत पूर्वोत्तर के राज्यों में देखने को मिलेंगे। स्काईमेट के पूर्वानुमान के मुताबिक, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और ओडिशा समेत कई राज्यों में थंडरस्टॉर्म, आकाशीय बिजली गिरने और धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई। उधर, पश्चिम भारत में 11 मई तक मौसम तूफानी रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम:- दिल्ली में शनिवार को न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस मौसम के औसत से 2.5 डिग्री कम है। मौसम विभाग ने दिन में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना जताई है। आईएमडी के मुताबिक, 4 से 8 मई तक एनसीआर में मौसमी गतिविधियां जारी रहेंगी। इस दौरान तेज गति 20 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। आईएमडी के मुताबिक, देर रात ढाई बजे से सुबह साढ़े आठ बजे तक मात्र छह घंटों में 77 मिमी बारिश दर्ज की। यह मई महीने में दिल्ली में 24 घंटे के भीतर हुई दूसरी सबसे अधिक वर्षा थी, जब से 1901 में रिकॉर्ड रखना शुरू हुआ। अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड 119.3 मिमी है, जो मई 2021 में एक ही दिन में दर्ज किया गया था।
हीटवेव क्या है:- भीषण गर्मियों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया जाता है। हीटवेट तब होती है जब किसी खास जगह पर तीन दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान असामान्य रूप से गर्म होता है। इसे उस क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पिछले मौसम के संबंध में माना जाता है। इस दौरान तापमान सामान्य औसत से अधिक पहुंच जाता है तो उसे हीटवेव कहा जाता है। खासकर, मार्च से जून के दौरान और कुछ दुर्लभ मामलों में जुलाई के महीने में ये स्थिति बनती है। हीटेवव के दौरान लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर पानी की कमी बुखार, उल्टी, दस्त, थकान, कमजोरी इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं।
हॉट डे क्या होता है:- हॉट डे की स्थिति तब होती है, जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहता है और न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से 5 डिग्री सेल्सियस के बराबर या उससे भी अधिक होता है। इस दौरान अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर अप्रैल से जून के बीच ये स्थिति देखी जाती है। मौसम विभाग ऐसा तापमान देख हॉट डे घोषित कर देता है।



