
27 मई 2025:- अक्सर चावल बनने के बाद जो पानी निकलता है उसे लोग फेंक देते हैं. इस पानी को माड़ कहा जाता है. लेकिन जिस माड़ को हम बेकार समझ कर फेंक देते हैं वह हमारे सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है. झारखंड के ग्रामीण इलाके में आज भी लोग इसे चावल के साथ खाना पसंद करते हैं. हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीजों के लिए तो यह किसी अमृत से कम नहीं है. इसके अलावा यह शरीर के उर्जा देने समेत अल्जाइमर जैसे बीमारियों के जोखिम को कम करता है.
त्वरित ऊर्जा का स्रोत:- माड़ में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में सहायक है. थकान या कमजोरी महसूस होने पर माड़ का सेवन शरीर को स्फूर्ति देता है.
पाचन तंत्र के लिए लाभकारी:- माड़ फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन क्रिया को सुधारता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. यह पेट की सूजन को कम करने में भी मददगार है.
डायरिया में उपयोगी:- डायरिया जैसी बीमारियों में तो माड़ किसी जड़ी बूटी से कम नहीं है. क्योंकि यह शरीर में पानी की कमी को दूर कर जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है. इसके अलावा पेट की अन्य समस्याओं के लिए भी यह बहुत उपयोगी है.
त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद:- माड़ में विटामिन के, ए और सी होते हैं, जो त्वचा को पोषण देते हैं और उसे चमकदार बनाते हैं, इसके अलावा अगर हम इसका उपयोग बालों में कर लें तो यह मजबूत और चमकदार बनेगा.
हाइड्रेशन में सहायक:- गर्मी या बुखार के दौरान माड़ का सेवन शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखता है.
रक्तचाप नियंत्रण में मददगार:- माड़ में पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है. जो सोडियम के स्तर को संतुलित रखता है. इससे हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है.



