
रिपोर्टर मुन्ना पांडेय सरगुजा :औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भवन लखनपुर के दरों-दीवार में दरार पड़ गई है। तकरीबन 7-8 साल पहले बनाया गया यह भवन अपने बदहाली पर आंसू बहा रहा है। शासकीय राशि के दुरूपयोग का ऐसा नजारा कही नजर नहीं आयेगा।इस भवन को कालेज का शक्ल तो दे दिया गया है किन्तु कालेज के छात्र छात्राएं जान जोखिम में डाल कर गिरते भवन के साये में अध्यापन कार्य करने बेबस है। जन चर्चा है कि नवीन कालेज भवन का निर्माण अतिशीघ्र अन्यत्र होने वाला है।कहावत है””कब नौ मन घी होगी और राधा नाचेगी”” कब भवन का निर्माण होगा और छात्र छात्राएं उस कालेज भवन में दाखिल हो सकेंगे। जब तक कालेज भवन नहीं बन जाता मजबूरन छात्र छात्राओं को इसी औद्योगिक प्रशिक्षण भवन में अध्यापन कार्य करना है। आईटीआई भवन की दशा देखकर भय सा लगता है ।
बरसात के बरसते पानी में जगह जगह से छत में रिसाव होने से दिवार और छत टपकने तथा चटक कर गिरने लगी है।जिम्मेदारो को तबाह होते भवन की कोई परवाह नहीं है। भवन में संचालित कालेज तथा आईटीआई भवन भगवान भरोसे चल रहा है। लाखों के पंखा दरवाजा, शटर, भंगार कबाड़ के शक्ल में बदहाल पड़े हुए नजर आने लगी हैं। दरअसल इस भवन की देखभाल सही तरीके से नहीं होने कारण भवन की दुर्दशा बढती जा रही है। वैसे भी भवन निर्माण में गुणवत्ता पर ध्यान तनिक भी नहीं दिया गया। जिससे आईटीआई भवन समय से पहले अपना वजूद खोता जा रहा है। यदि समय रहते इस भवन का सुधारीकरण नहीं हुआ तो यकीनन वक्त से पहले धराशाई हो जायेगा।एक गंभीर अनदेखी दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई है। कालेज के कुछ छात्र छात्राओं तथा कर्मचारियों ने भवन के बदहाली पर अफसोस जाहिर करते हुये शासन प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराया है।



